राजधानी रायपुर के चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में सोमवार को खाकी का गौरवमयी उत्सव देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उप निरीक्षक संवर्ग के 859 प्रशिक्षुओं के दीक्षांत समारोह (पासिंग आउट परेड) में शामिल होकर परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस बैच की खास बात यह है कि यह पहला ऐसा बैच है जिसने नए कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्दी धारण करना केवल एक पद पाना नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प लेना है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा, “क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से जीता जा सकता है। आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की असली पहचान है।” मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है और जब कोई असुरक्षित महसूस करता है, तो उसकी पहली उम्मीद पुलिस ही होती है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। पुलिस बल को डिजिटल और तकनीकी साधनों से लैस किया जा रहा है ताकि साइबर अपराधों जैसी आधुनिक चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके।
859 नए अधिकारियों की मिली ताकत
आज प्रशिक्षित होकर निकलने वाले अधिकारियों में:
- सूबेदार: 54
- उप निरीक्षक (जीडी): 528
- प्लाटून कमांडर: 205
- विशेषज्ञ उप निरीक्षक (कंप्यूटर, रेडियो, फिंगरप्रिंट, SB): 72
उत्कृष्ट प्रशिक्षु सम्मानित
समारोह में विभिन्न विषयों में अव्वल रहने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह और अन्य को मुख्यमंत्री ने ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने भी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए अपराधियों में कानून का भय और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करने का आह्वान किया।
