भारी-भरकम बिजली बिल की टेंशन खत्म! पीएम सूर्य घर योजना से रौशन हुआ जशपुर के कारोबारी प्रभाष जैन का घर

जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी व्यवसायी प्रभाष कुमार जैन को अब हर महीने आने वाले 5 हजार रुपये तक के बिजली बिल की चिंता नहीं सताएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में तेजी से फैल रही ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है, जिससे उनकी जिंदगी में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आया है।

जशपुर के टेम्पू में कल सजेगा ‘सुशासन तिहार’, 13 गांवों के ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही होगा निपटारा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर के ग्राम पंचायत टेम्पू में 30 मई को जनसमस्या निवारण शिविर लगाया जा रहा है। कलेक्टर रोहित व्यास ने अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं ताकि ग्रामीणों को अपनी मांगों और शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

सुशासन तिहार: अमडीहा में दिखा प्रतिभाओं का जलवा, 16 गांवों के 39 होनहार विद्यार्थियों का हुआ भव्य सम्मान

जशपुर जिले में चल रहा ‘सुशासन तिहार 2026’ केवल प्रशासनिक समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण प्रतिभाओं को उड़ान देने का मंच भी बन रहा है। फरसाबहार के अमडीहा में आयोजित शिविर में 16 गांवों के ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच, 10 संकुलों के 39 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

मिठास ऐसी कि दिल्ली-यूपी तक डिमांड: जशपुर में काजू की खेती बनी 7800 किसानों की तक़दीर

छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अब सिर्फ़ अपने जंगलों के लिए नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी से उपजे ‘सफ़ेद सोने’ यानी काजू के लिए जाना जा रहा है। ज़िला प्रशासन और उद्यान विभाग के मिले-जुले प्रयासों से आज जिले के 7800 किसान काजू की खेती से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मज़बूत कर रहे हैं। यहाँ के काजू की मिठास और लाजवाब गुणवत्ता के कारण इसकी मांग दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में तेज़ी से बढ़ रही है।

जशपुर जिले में वर्ष 2026 के लिए 3 स्थानीय अवकाश घोषित: कलेक्टर रोहित व्यास ने जारी किया आदेश; रथयात्रा, करम परब और गोवर्धन पूजा पर रहेगी छुट्टी

जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाशों की घोषणा की है।
घोषित छुट्टियों में रथयात्रा, आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व करम परब (कुंवर पूर्णिमा) और गोवर्धन पूजा शामिल हैं।
यह आदेश बैंक और कोषालय (Treasury) पर लागू नहीं होगा, वहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज जारी रहेगा।

​जशपुर में सुशासन तिहार: कस्तूरा शिविर में दूर हुईं जनसमस्याएं, कई चेहरों पर लौटी मुस्कान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में ‘सुशासन तिहार’ का सफल आयोजन।
​दुलदुला विकासखंड के ग्राम कस्तूरा में लगा जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर।
​हितग्राहियों को सौंपे गए प्रधानमंत्री आवास के चाबियां और नए राशन कार्ड; जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव रहे मौजूद।

मिट्टी के कच्चे घर से पक्के आशियाने तक: पीएम आवास योजना ने बदली बलरामपुर के श्यामदास की जिंदगी, अब बारिश से नहीं लगता डर

बरसात में टपकती छत और गिरती दीवारों का खौफ अब बीते दिनों की बात हो गई है। बलरामपुर जिले के ग्राम कर्रा निवासी श्यामदास का पक्के घर का बरसों पुराना सपना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ से साकार हुआ है। बेबसी की जगह अब एक सुरक्षित आशियाने ने ले ली है, जिसने एक गरीब परिवार के चेहरों पर सुकून वाली मुस्कान लौटा दी है।

जशपुर में विकास कार्यों पर कलेक्टर सख्त: ‘बरसात से पहले पूरा करें काम, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’, ‘सुशासन तिहार’ की शिकायतों पर मांगा त्वरित प्रस्ताव

जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने जिले में चल रहे सड़क, जल संसाधन और आदिवासी कल्याण विभाग के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि बारिश से पहले सभी अधूरे काम गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही, ‘सुशासन तिहार’ में जनता से मिली सड़क निर्माण और मरम्मत की शिकायतों पर तुरंत स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

जशपुर ब्रेकिंग: ‘सुशासन तिहार’ शिविर की तारीख में हुआ बदलाव, बोकी ग्राम में अब 30 की जगह 29 मई को लगेगा कैंप

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ के तहत जनसमस्या निवारण शिविर की तिथियों में एक अहम संशोधन किया गया है। जशपुर जनपद पंचायत के ग्राम बोकी में जो शिविर 30 मई को लगने वाला था, वह अब 29 मई को आयोजित होगा। इस शिविर में 15 गांवों के लोग अपनी शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करवा सकेंगे।

जशपुर में किसानों की किस्मत बदल रही ‘नाशपाती’ की मिठास: 5 एकड़ में खेती कर अनिल एक्का ने गढ़ी सफलता की कहानी

जशपुर के सन्ना क्षेत्र में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फलों की बागवानी कर रहे हैं। शासन और नाबार्ड की मदद से केराकोना गांव के अनिल एक्का ने नाशपाती की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। आज उनके खेतों की नाशपाती की मांग प्रदेश के बड़े शहरों और पड़ोसी राज्यों तक पहुँच गई है।