“एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा”: जशपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का आगाज़, 1.15 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य

जशपुर जिले के बच्चों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। जिला चिकित्सालय जशपुर से राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने नवजात शिशुओं को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस तीन दिवसीय अभियान की शुरुआत की।

​इस मौके पर आम जनता से भावुक अपील करते हुए विधायक रायमुनी भगत ने कहा, “प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ जीवन हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा’ के संकल्प को याद रखते हुए, हर परिवार अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर दिलाए।”

​तीन दिनों तक चलेगा अभियान: घर-घर पहुंचेगी टीम

​यह अभियान 28 जून से 30 जून 2026 तक तीन दिनों के लिए चलाया जा रहा है:

  • पहला दिन (28 जून): जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों, स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ियों में बच्चों को दवा पिलाई जा रही है।
  • दूसरा और तीसरा दिन (29 व 30 जून): जो बच्चे पहले दिन किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर (Home Visit) दवा पिलाएंगी।

​प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने टास्क फोर्स की बैठक लेकर स्वास्थ्य, पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, परिवहन और विद्युत विभाग को आपस में तालमेल बिठाकर काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

​विकासखंडवार लक्ष्य और बूथों का गणित

​मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा के अनुसार, जिले की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस बार बूथों की संख्या बढ़ाई गई है। जिले में कुल 1,15,726 बच्चों को कवर करने के लिए 1,205 पोलियो बूथ बनाए गए हैं।

​विभिन्न विकासखंडों (ब्लॉक्स) में बनाए गए बूथों और बच्चों के लक्ष्य के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • पत्थलगांव: 192 बूथों के माध्यम से 26,089 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।
  • बगीचा: 219 बूथों के माध्यम से 23,446 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।
  • फरसाबहार: 147 बूथों के माध्यम से 14,673 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।
  • जशपुर: 173 बूथों के माध्यम से 13,049 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।
  • कुनकुरी: 152 बूथों के माध्यम से 12,984 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।
  • कांसाबेल: 84 बूथों के माध्यम से 10,273 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।
  • मनोरा: 146 बूथों के माध्यम से 8,285 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।
  • दुलदुला: 92 बूथों के माध्यम से 6,926 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य।

​ग्राउंड पर तैनात है 4,464 वालंटियर्स की सेना

​इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को मिलाकर 4,464 दलकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही पूरे काम की निगरानी के लिए 224 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।

​इसके अलावा, कोई भी बच्चा छूटे नहीं, इसके लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं:

  • मेला और बाजार स्थल: जिले के ऐसे 11 व्यस्त स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष बूथ बनाए गए हैं।
  • ट्रांजिट और मोबाइल टीमें: ईंट-भट्टों, बस स्टैंडों और प्रवासी मजदूरों के बच्चों तक पहुंचने के लिए 8 ट्रांजिट टीमें और 9 मोबाइल टीमें लगातार फील्ड में दौड़ रही हैं।

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