‘स्वच्छ जलस्रोत, सुरक्षित भविष्य’ का दिया संदेश; जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 अंबिकापुर ने सायर जलाशय परिसर में चलाया वृहद सफाई अभियान
अंबिकापुर (सरगुजा)।
प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्राकृतिक जलस्रोतों के संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरगुजा जिले में जनभागीदारी की अनूठी मिसाल देखने को मिली। जल संसाधन विभाग (संभाग क्रमांक-1, अंबिकापुर) के तत्वावधान में मंगलवार को सायर जलाशय परिसर में वृहद श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर जलाशय क्षेत्र की साफ-सफाई की और जल संरक्षण का साझा संदेश दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेशभर में जलस्रोतों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के लिए सामूहिक सहभागिता को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में सायर जलाशय में आयोजित इस अभियान में ग्रामीणों ने हाथ में झाड़ू और तगाड़ी थामकर जलाशय के किनारों से कचरा हटाया और भविष्य में भी इसकी नियमित देखरेख का संकल्प लिया।
जनभागीदारी से ही संभव है जलस्रोतों की सुरक्षा
अभियान के दौरान जल संसाधन विभाग के अमले और पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस मौके पर वक्ताओं ने जलाशयों के पारिस्थितिकीय (Ecological) महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सायर जलाशय न केवल सिंचाई और स्थानीय जल जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भूजल स्तर बनाए रखने और जैव विविधता के संतुलन में भी अहम भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक का साझा दायित्व है। जब तक स्थानीय समुदाय आगे आकर अपने पारंपरिक जलस्रोतों की हिफाजत नहीं करेगा, तब तक भावी पीढ़ी के लिए पानी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
‘स्वच्छ जलस्रोत, सुरक्षित भविष्य’ की ली गई शपथ
श्रमदान के समापन पर उपस्थित सभी नागरिकों और अधिकारियों ने ‘स्वच्छ जलस्रोत, सुरक्षित भविष्य’ के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 अंबिकापुर के इंजीनियर व फील्ड स्टाफ, ग्राम पंचायत के पंच, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने जलाशय परिसर को पॉलीथिन व अपशिष्ट मुक्त बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।
