स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सहज उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: CM साय ने की उच्चस्तरीय समीक्षा; दुर्गम अंचलों में वैकल्पिक एम्बुलेंस व्यवस्था और मिलावट पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

रायपुर:

प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, जरूरी दवाइयां और बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय (महानदी भवन) में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार केवल भवनों तक सीमित न रहे, बल्कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, जरूरी दवाओं और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जाए।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

समीक्षा बैठक के प्रमुख निर्देश और नीतिगत फैसले:

  • दुर्गम वनांचलों के लिए वैकल्पिक परिवहन:108 संजीवनी एक्सप्रेस और 102 महतारी एक्सप्रेस की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल भौगोलिक बाधाओं के कारण कोई मरीज इलाज से वंचित न रहे। जिन सुदूर पहाड़ी व दुर्गम इलाकों में एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मरीज को मुख्य सड़क या एम्बुलेंस पॉइंट तक सुरक्षित लाने के लिए व्यावहारिक वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए।
  • संवेदनशील शव वाहन व्यवस्था:मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अस्पताल में किसी मरीज की मृत्यु होने पर परिजनों को शव वाहन के लिए भटकना न पड़े। मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए स्वास्थ्य विभाग शव वाहन की समयबद्ध व सहज उपलब्धता सुनिश्चित करे।
  • अस्पतालों में दवाइयों और उपकरणों की सुचारू उपलब्धता:जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तक जरूरी दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। CGMSC को निर्देश दिए गए कि कोई भी महत्वपूर्ण जांच उपकरण रख-रखाव या मरम्मत के अभाव में लंबे समय तक बंद न रहे। इसके लिए सख्त मॉनिटरिंग और क्विक-रिपेयर सिस्टम बनाया जाए।
  • मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सुरक्षित संस्थागत प्रसव:प्रदेश में शत-प्रतिशत सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने और मातृ व शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया।
  • चिकित्सा शिक्षा का विस्तार:प्रदेश में 6 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 8 से बढ़कर 17 और फिजियोथेरेपी कॉलेज 1 से बढ़कर 7 हो गए हैं। पहली बार 10 मेडिकल कॉलेजों में एलाइड हेल्थ के 11 पाठ्यक्रमों की 640 सीटें और रायपुर मेकाहारा में डीएम कार्डियोलॉजी की 2 सीटें शुरू की जा रही हैं।
  • त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर कड़ा प्रहार:दीपावली व आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों और खाद्य सामग्रियों की सघन जांच के आदेश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि आम जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा; मिलावटखोरों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  • सिकल सेल उन्मूलन व मानसिक स्वास्थ्य:वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य के तहत प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, परामर्श और विवाह-पूर्व स्वैच्छिक जांच को बढ़ावा देने तथा समाज में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श को मुख्यधारा में लाने के निर्देश दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *