जशपुर (15 अक्टूबर): छत्तीसगढ़ में राज्य शासन की ‘बिहान’ (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं की तकदीर बदलने का मजबूत जरिया बन रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत ग्रामीण अंचलों में महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर न केवल स्वावलंबी बन रही हैं, बल्कि अपने पूरे परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी नई दिशा दे रही हैं। जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत ग्राम टांगरगांव की संज्योति चौहान ने बैंक सखी बनकर आत्मनिर्भरता की ऐसी ही एक मिसाल पेश की है।
समूह से 68 हजार का ऋण लेकर शुरू की थी राह
चांदनी स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती संज्योति चौहान पहले सीमित संसाधनों के बीच जीवन यापन कर रही थीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें वित्तीय साक्षरता और आजीविका संवर्धन का मार्गदर्शन मिला। अपने पैरों पर खड़े होने के लिए उन्होंने समूह के जरिए 68 हजार रुपये का ऋण लिया। इस पूंजी की मदद से उन्होंने किराना दुकान शुरू की और साथ ही ग्रामीण बैंक से संबद्ध होकर बैंक सखी के रूप में काम करना शुरू किया।
घर-घर पहुंच रहीं बैंकिंग सेवाएं, हर महीने 8 से 9 लाख का टर्नओवर
वर्ष 2019 से लगातार सक्रिय संज्योति आज गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों के लिए चलता-फिरता बैंक बन चुकी हैं। वे किराना व्यवसाय के साथ-साथ बायोमेट्रिक डिवाइस के जरिए ग्रामीणों को जमा, निकासी, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), डिजिटल भुगतान और सूक्ष्म बीमा जैसी जरूरी बैंकिंग सुविधाएं दे रही हैं।
वर्तमान में उनके केंद्र से हर महीने लगभग 8 से 9 लाख रुपये का वित्तीय लेन-देन हो रहा है। इस सेवा से उन्हें प्रतिमाह औसतन 5 हजार रुपये का निश्चित कमीशन प्राप्त होता है, जिससे उनकी पारिवारिक आय सुदृढ़ हुई है।
ग्रामीणों को बैंकों के चक्कर काटने से मिली मुक्ति
संज्योति की इस पहल से टांगरगांव और आसपास के ग्रामीणों को छोटे-छोटे लेन-देन या पेंशन राशि निकालने के लिए दूर स्थित बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने और कतारों में खड़े रहने से मुक्ति मिल गई है। समय और किराए के पैसे की बचत होने से ग्रामीण भी बेहद खुश हैं।
संज्योति चौहान का कहना है कि समूह से मिले वित्तीय सहयोग और शासन की नीतियों ने उनकी जिंदगी बदल दी है। आज वे आत्मनिर्भर होकर पूरे मान-सम्मान के साथ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय वे शासन की योजनाओं को देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करती हैं। उनकी यह कामयाबी अंचल की अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
