छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज देश की सुरक्षा का केंद्र बनी हुई है। देश के इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ में DGP/IG कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो रहा है।
1. कार्यक्रम की रूपरेखा (Event Details)
- क्या: 60वां अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन (All India DGP/IG Conference)।
- कब: 28, 29 और 30 नवंबर 2025 (शुक्रवार से रविवार)।
- कहाँ: IIM रायपुर कैंपस, नवा रायपुर (Nava Raipur)।
- थीम: ‘विकसित भारत: सुरक्षा के आयाम’ (Viksit Bharat: Security Dimensions)।
2. कौन-कौन शामिल हो रहा है? (VVIP Presence)
- अमित शाह (गृह मंत्री): रायपुर पहुँच चुके हैं और तीनों दिन यहीं रहेंगे।
- नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री): पीएम मोदी आज शाम 7:30 बजे के करीब रायपुर एयरपोर्ट पहुँचेंगे। वे अगले दो दिन (29 और 30 नवंबर) कॉन्फ्रेंस के सभी सत्रों में मौजूद रहेंगे और पुलिस अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।
- अन्य दिग्गज: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, आईबी चीफ तपन डेका और देश भर के सभी राज्यों के पुलिस प्रमुख (DGPs) शामिल हैं।
3. बैठक का एजेंडा (Key Topics)
इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से 5 बड़े मुद्दों पर रणनीति बनाई जाएगी:
- नक्सलवाद का खात्मा: गृह मंत्री ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ इस लड़ाई का केंद्र है, इसलिए यह सबसे अहम मुद्दा है।
- AI और पुलिसिंग: अपराधियों को पकड़ने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कैसे बढ़ाया जाए।
- साइबर सुरक्षा: बढ़ते हुए डिजिटल फ्रॉड और साइबर हमलों (Cyber Attacks) से निपटने के लिए ‘नेशनल सिक्योरिटी ग्रिड’ को मजबूत करना।
- खालिस्तानी आतंकवाद: विदेशों में बैठे भारत विरोधी तत्वों और गैंगस्टर्स पर लगाम लगाना।
- नए कानून: हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों (BNS, BNSS) के जमीनी असर की समीक्षा।
4. विशेष इंतज़ाम (Special Arrangements)
- अस्थाई PMO: नवा रायपुर में स्थित ‘स्पीकर हाउस’ (Speaker House) को अगले तीन दिनों के लिए अस्थाई प्रधानमंत्री कार्यालय (Temporary PMO) में बदल दिया गया है। पीएम मोदी और अमित शाह यहीं रुकेंगे।
- किले में तब्दील शहर: आयोजन स्थल IIM रायपुर को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। चप्पे-चप्पे पर SPG और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। बाहरी लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद है।
5. क्यों खास है यह कॉन्फ्रेंस?
आमतौर पर यह कॉन्फ्रेंस दिल्ली में होती थी, लेकिन पीएम मोदी ने इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में करने की परंपरा शुरू की। छत्तीसगढ़ में इसका होना इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि केंद्र सरकार का पूरा फोकस अब बस्तर से नक्सलियों के सफाए पर है। इस बैठक से राज्य पुलिस को नई तकनीक और केंद्र से सीधी मदद मिलने का रास्ता साफ होगा।
