बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने जल संरक्षण में रचा इतिहास, 15 दिनों में बने 31 हजार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

जल संरक्षण की दिशा में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने एक अभूतपूर्व मिसाल पेश की है। जिले में चल रहे ‘मोर गाँव, मोर पानी’ महाभियान के तहत प्रशासन और जनता ने मिलकर केवल 15 दिनों के भीतर 31,066 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह सफलता न केवल रिकॉर्ड तोड़ है, बल्कि सामुदायिक सहभागिता और श्रमदान का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

जनभागीदारी से बना जन-आंदोलन

​कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल के नेतृत्व में इस अभियान के दूसरे चरण (2.0) की शुरुआत 13 मार्च 2026 को की गई थी। अभियान को सफल बनाने के लिए बाकायदा तिथिवार कार्यक्रम तय किए गए थे। ग्रामीणों ने जिस उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया और स्वयं श्रमदान किया, उसने इसे सरकारी योजना से बदलकर एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया।

पीएम आवासों में जल संचय की नई पहल

​यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित घरों में हासिल की गई है। प्रत्येक आवास का औसत आकार लगभग 300 वर्ग फीट है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन 31 हजार से अधिक संरचनाओं के माध्यम से हर साल वर्षा ऋतु में लाखों लीटर पानी जमीन के भीतर जाएगा। इससे न केवल क्षेत्र के भूजल स्तर (Groundwater Level) में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में होने वाले जल संकट से भी निपटने में मदद मिलेगी।

सुरक्षित होगा भविष्य

​प्रशासन का मानना है कि यह कदम टिकाऊ जल प्रबंधन (Sustainable Water Management) की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। ‘मोर गाँव, मोर पानी’ अभियान ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन की इच्छाशक्ति और जनता का संकल्प एक साथ मिल जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

प्रशासन की अपील:

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ‘हर घर जल संचय’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आगे आएं और अपने घरों में भी जल संचय की व्यवस्था करें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित किया जा सके।

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