जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सोमवार को साप्ताहिक समय-सीमा (TL) की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने विशेष रूप से आश्रम और छात्रावासों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करते हुए नोडल अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
छात्रावासों का होगा नियमित निरीक्षण
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बालक और बालिका छात्रावासों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी हर महीने अनिवार्य रूप से निरीक्षण करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि रिपोर्ट में केवल खानापूर्ति न हो, बल्कि भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था, खिड़की-दरवाजों की स्थिति और शौचालय-किचन की साफ-सफाई की विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रावास अधीक्षक रात में वहां निवास कर रहे हैं या नहीं। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधीक्षक के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
बैठक के दौरान अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने नेशनल हाईवे (NH) के अधिकारी की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी को तत्काल ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
विकास कार्यों और जनदर्शन की समीक्षा
मुख्यमंत्री घोषणाओं और जनदर्शन के लंबित प्रकरणों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने बंदरचुआं बस स्टैंड, दिव्यांग बच्चों के स्कूल, सोनार समाज के मंगल भवन और विभिन्न पुल-पुलिया व सड़क निर्माण कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निजी अस्पतालों के लिए नए निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्राइवेट अस्पताल हर महीने की 9 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं और अन्य महिलाओं की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच व सोनोग्राफी सुनिश्चित करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी अस्पतालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सहित सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
