जशपुरनगर, 16 जून 2026।
जनता की समस्याओं को टालने और दफ्तरों के चक्कर कटवाने वाली नौकरशाही की कार्यशैली पर जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने न सिर्फ दूर-दराज से आए ग्रामीणों की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता से सुना, बल्कि मौके पर मौजूद अधिकारियों को हिदायत दी कि समस्याओं का निराकरण केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर पारदर्शी तरीके से दिखना चाहिए।
आज आयोजित इस जनदर्शन में जिले के कोने-कोने से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को लेकर कुल 44 आवेदन सौंपे। कलेक्टर श्री व्यास ने हर एक आवेदक को अपने पास बुलाकर उनसे सीधे बातचीत की और उनकी मांगों को गहराई से समझा।
इन प्रमुख समस्याओं पर रहा फोकस
जनदर्शन में पहुंचे आवेदनों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभाग और समस्याएं शामिल रहीं:
- राजस्व मामले: जमीनी विवाद, सीमांकन और नामांतरण में हो रही देरी।
- मूलभूत सुविधाएं: गांवों में पेयजल की किल्लत, खराब सड़कें और साफ-सफाई की कमी।
- सामाजिक सुरक्षा: आजीविका उन्नयन, पेंशन और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाना।
लापरवाही पर सख्त रुख: ‘आवेदक को पता हो कि उसकी फाइल कहां है’
आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि सभी प्रकरणों का निराकरण एक निश्चित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों पर जो भी कार्रवाई की जा रही है, उसकी प्रगति (Status) की स्पष्ट जानकारी संबंधित आवेदक को समय पर दी जाए, ताकि उन्हें मानसिक रूप से परेशान न होना पड़े।
”पेयजल, सड़क, स्वच्छता और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।”
— श्री रोहित व्यास, कलेक्टर, जशपुर
कलेक्टर के इस कड़े और मानवीय रुख से जनदर्शन में आए ग्रामीणों को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
