जशपुर: 50 नौनिहालों के दिल का होगा मुफ्त ऑपरेशन, ‘चिरायु’ योजना ने लौटाई बेबस माता-पिता की मुस्कान

जशपुरनगर, 16 जून 2026।

अपने जिगर के टुकड़ों के दिल में बीमारी की बात सुनकर जो माता-पिता महंगे इलाज के डर से बेबस हो गए थे, उनके लिए मंगलवार का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया। जशपुर जिला अस्पताल में आयोजित एक विशेष स्वास्थ्य शिविर ने जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों को जीवन की नई ‘धड़कन’ दी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत लगे इस शिविर में 50 ऐसे बच्चों की पहचान की गई है, जिनके दिल का ऑपरेशन अब पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा।

​कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में आयोजित इस एक दिवसीय शिविर में जिले के विभिन्न विकासखंडों से कुल 74 बच्चों को लाया गया था। एसईसीएल (SECL) के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ और चिरायु योजना के इस संयुक्त प्रयास के तहत रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल से आई हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम ने बच्चों की निशुल्क स्क्रीनिंग और ईकोकार्डियोग्राफी (ईको) जांच की।

50 बच्चों को मिलेगी नई जिंदगी

विशेषज्ञों की टीम ने जांच के बाद 74 में से 50 बच्चों को हृदय सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया है। इन सभी बच्चों का ऑपरेशन रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बिना एक भी रुपया खर्च किए किया जाएगा। शिविर में आए कई भावुक अभिभावकों ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में दिल की सर्जरी का खर्च लाखों में होता है, जिसे उठाना उनके बस की बात नहीं थी। शासन की इस पहल से अब उनके बच्चों के स्वस्थ और सामान्य जीवन जीने की उम्मीद जाग गई है।

अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना लक्ष्य: विधायक

इस विशेष शिविर का शुभारंभ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशुल्क जांच और सर्जरी की सुविधा देना सरकार की संवेदनशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। स्वस्थ बच्चे ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं।”

​इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका सदस्य श्री राजू गुप्ता और सुश्री रागिनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

जल्द शुरू होगी इलाज की प्रक्रिया

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चिन्हांकित किए गए सभी 50 बच्चों के उपचार की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी, ताकि उन्हें समय पर राहत मिल सके। इस सफल आयोजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जी.एस. जात्रा, सिविल सर्जन डॉ. कपिलदेव कश्यप, चिरायु नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद रात्रे, अस्पताल सलाहकार श्री राजेश कुरील और चिरायु दल के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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