जशपुर: बांस की कारीगरी से संवरेगा महिलाओं का भविष्य, ‘जैशक्राफ्ट’ के 30 दिवसीय प्रशिक्षण से 50 दीदियों के हाथों में आया नया हुनर

जशपुर, 31 जुलाई 2026।

​पीढ़ियों से सूपा, टोकरी और झोड़ा बनाने वाले हाथों ने अब आधुनिक फर्नीचर और सजावटी सामान बनाने का हुनर सीख लिया है। जशपुर जिले में पारंपरिक बांस शिल्प को नई पहचान और कारीगरों को बेहतर बाजार दिलाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की गई है।

​शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा ‘जैशक्राफ्ट’ ब्रांड के अंतर्गत संचालित 30 दिवसीय आवासीय बांस एवं फर्नीचर निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शानदार समापन हुआ। लोखंडी स्थित महतारी सदन में आयोजित इस समारोह में ग्राम पंचायत झोलांगा के स्व-सहायता समूहों की 50 महिलाओं को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र सौंपे गए।

पारंपरिक हुनर को मिला आधुनिक बाजार का रास्ता

समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने महिलाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, “तुरी और बसोंढ़ समाज के पास बांस कला की एक बेहद समृद्ध परंपरा है। आज के समय की मांग है कि हम इन पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ें।”

​उन्होंने आगे कहा कि बाजार में बांस के सजावटी और उपयोगी सामानों की भारी मांग है। प्रशासन द्वारा दी जा रही आधुनिक मशीनों और ट्रेनिंग से कारीगर न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि उनकी आमदनी में भी कई गुना इजाफा होगा।

सूरत के विशेषज्ञों ने सिखाए बुनाई और डिजाइन के गुर

बीते एक महीने से महिलाओं को गुजरात के सूरत से आए विशेषज्ञ ट्रेनर श्री राजेश विट्ठलिया और श्री गोपाल विट्ठलिया प्रशिक्षण दे रहे थे। ट्रेनिंग के दौरान कच्ची बांस की प्रोसेसिंग से लेकर आधुनिक डिजाइन, उन्नत बुनाई तकनीक और मशीनों के जरिए बेहतरीन फर्नीचर बनाने का व्यावहारिक (Practical) ज्ञान दिया गया। समारोह में दोनों प्रशिक्षकों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया।

‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में एक और कदम

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री अभिषेक कुमार ने बताया कि जैशक्राफ्ट के तहत शुरू किए गए इस पहले चरण का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक कला को नई तकनीक से जोड़ना है। इससे स्थानीय कारीगर ऐसे आकर्षक और क्वालिटी वाले उत्पाद बना सकेंगे, जिनकी बड़े बाजारों में अच्छी कीमत मिल सके।

​कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व में जशपुर में ‘लखपति दीदी’ पहल के तहत महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम हो रहा है। जैशक्राफ्ट के माध्यम से बांस शिल्प के अलावा हस्तशिल्प, छिंद कांसा और हथकरघा जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं के कौशल विकास और मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है।

​कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, ग्राम पंचायत झोलांगा और लोखंडी के सरपंच सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्व-सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। एक महीने की इस कड़ी मेहनत के बाद, अब जशपुर की इन महिलाओं के चेहरों पर आत्मनिर्भर बनने की चमक साफ देखी जा सकती है।

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