‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत माय भारत स्वयंसेवकों ने संभाली कमान; कुंजारा, साको-कोतेबिरा, केसरा और बुड़ाढाड़ में चला सफाई अभियान
जशपुर (29 सितंबर 2026): भारत सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित ‘सेवा पखवाड़ा – सेवा मेरा योगदान’ के तहत जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में सघन स्वच्छता, श्रमदान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। जिला प्रशासन जशपुर के समन्वय से आयोजित इस अभियान में ‘माय भारत’ (MY Bharat) के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों और स्थानीय युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में युवाओं की टोलियों ने सार्वजनिक स्थलों की सफाई करने के साथ-साथ ग्रामीणों को स्वच्छता अपनाने और नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया।
विकासखंडों में जमीनी स्तर पर हुआ श्रमदान
जिले के अलग-अलग विकासखंडों में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में विशेष सफाई अभियान चलाया गया:
- कुनकुरी (ग्राम कुंजारा): कुंजारा ग्राम पंचायत के बाजार परिसर, अटल चौक और मंदिर परिसर में वृहद श्रमदान किया गया। इस दौरान भरत सिंह, बीडीसी शोभा गुप्ता, हेमा गुप्ता और सरपंच सुभद्रा अंगीरा सहित प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
- फरसाबहार (ग्राम साको-कोतेबिरा): शिव मंदिर परिसर में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक दीपक कुमार निषाद और धन सिंह साय के नेतृत्व में स्वच्छता शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों के साथ मिलकर कचरा संग्रहण व वैज्ञानिक निपटान किया गया।
- मनोरा (ग्राम केसरा): राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों हेमराज सिंह और माधुरी यादव की अगुवाई में सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई और चौपाल लगाकर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
- जशपुर नगर (ग्राम दमेरा): दमेरा सहित आसपास के क्षेत्रों में युवाओं ने गलियों और सार्वजनिक परिसरों की सफाई कर कचरा प्रबंधन का संदेश दिया।
बगीचा में नशामुक्ति पर विशेष जोर
बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत बुड़ाढाड़ में स्वच्छता के साथ-साथ नशामुक्ति अभियान पर विशेष फोकस रहा। यहां युवाओं और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ और नशामुक्त समाज की स्थापना की शपथ दिलाई गई। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों और नशे पर लगाम लगाकर ही ग्रामीण विकास को सही दिशा दी जा सकती है।
‘स्वच्छ गांव–स्वस्थ गांव, नशामुक्त समाज’ का संकल्प
माय भारत जशपुर द्वारा संचालित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण और सामुदायिक सेवा से जोड़ना है। अभियान के दौरान युवाओं ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान न मानकर दैनिक जीवन की आदत बनाएं।
