महासमुंद:
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) ग्रामीण अंचलों में गर्भवती महिलाओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। महासमुंद जिले के विकासखंड सरायपाली अंतर्गत ग्राम रूढ़ा की निवासी श्रीमती सुबलाया चौहान के लिए यह योजना सुरक्षित मातृत्व और बेहतर पोषण का मजबूत संबल बनकर सामने आई है। योजना से मिली आर्थिक सहायता और सही मार्गदर्शन की बदौलत सुबलाया ने गंभीर एनीमिया को मात देकर 3.5 किलोग्राम के स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
शुरुआती जांच में एनीमिया, फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने संभाला मोर्चा
गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में जब सुबलाया स्वास्थ्य जांच के लिए नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं, तो टीकाकरण दिवस पर हुई जांच में उनका हीमोग्लोबिन स्तर काफी कम पाया गया। एनीमिया से ग्रसित होने के कारण गर्भस्थ शिशु और मां दोनों के स्वास्थ्य पर जोखिम था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उषा भोई ने गृह भेंट कर सुबलाया और उनके परिजनों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यकर्ता ने त्वरित पहल करते हुए सुबलाया का ऑनलाइन पंजीयन कराया। आवेदन के लगभग एक माह के भीतर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पहली किस्त के रूप में 3,000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में पहुंच गए।
8 ग्राम से 11 ग्राम पहुंचा हीमोग्लोबिन, जन्मा स्वस्थ बालक
खाते में राशि आते ही सुबलाया ने इसका उपयोग फल, हरी सब्जियां और आवश्यक पौष्टिक आहार जुटाने में किया। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की देखरेख में नियमित एएनसी (ANC) जांच और आयरन-कैल्शियम की खुराक ली। उचित खानपान और नियमित निगरानी का सुखद परिणाम यह रहा कि प्रसव के अंतिम चरण तक उनका हीमोग्लोबिन 8 ग्राम से बढ़कर 11 ग्राम हो गया। इसके बाद हुए सुरक्षित प्रसव में उन्होंने 3.5 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बालक को जन्म दिया। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
सुबलाया चौहान ने अपनी इस सुखद मातृत्व यात्रा का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी सोच और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग को देते हुए केंद्र सरकार का आभार जताया।
