विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: जशपुर में निकली भव्य जागरूकता रैली, सीएमएचओ बोले— मानसिक समस्याओं को कमजोरी न समझें, समय पर लें डॉक्टरी सलाह

जशपुर नगर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जशपुर द्वारा रविवार को जन-जागरूकता रैली और विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “निजी अनुभवों को सुना गया: असली आवाजें, असली बदलाव” के तहत लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनने, मानसिक समस्याओं के लक्षणों को पहचानने और बिना किसी झिझक के चिकित्सकीय परामर्श लेने का संदेश दिया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. घनश्याम जात्रा के नेतृत्व और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. एल. सिद्धार्थ की अगुवाई में रैली निकाली गई। रैली में नर्सिंग छात्राओं के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हाथों में तख्तियां लिए प्रतिभागियों ने पूरे शहर में भ्रमण कर आम नागरिकों को मानसिक विकारों के प्रति जागरूक किया।

मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी: डॉ. घनश्याम जात्रा

रैली के बाद सीएमएचओ कार्यालय परिसर में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. घनश्याम जात्रा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को किसी की व्यक्तिगत कमजोरी मान लेना सबसे बड़ी भूल है।

“मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य की तरह प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। तनाव, चिंता और अवसाद जैसी दिक्कतों को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते पहचानें और विशेषज्ञ की सलाह लें। समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैले संकोच और सामाजिक कलंक को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।” — डॉ. घनश्याम जात्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

जैविक और पर्यावरणीय कारक भी जिम्मेदार: डॉ. अबरार खान

संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञ डॉ. अबरार खान ने मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिप्रेशन या एंग्जायटी सिर्फ मन का वहम नहीं है, बल्कि इसके पीछे जैविक, सामाजिक और पर्यावरणीय कारण भी होते हैं।

  • बचाव और संतुलन: नियमित फिजिकल एक्टिविटी, 7-8 घंटे की गहरी नींद, संतुलित खान-पान और सकारात्मक सामाजिक दायरा दिमाग को दुरुस्त रखने के लिए जरूरी है।
  • संस्थानों की जिम्मेदारी: परिवार, स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों में ऐसा माहौल होना चाहिए जहां लोग खुलकर अपनी बात रख सकें और किसी भी तरह के भेदभाव का शिकार न हों।

कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख मौजूदगी

इस पूरे आयोजन के प्रबंधन में डॉ. राजेश कुरील, अस्पताल सलाहकार विभाग के वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी विवेक कुजूर और साइकियाट्रिक सोशल वर्कर दीपक साहू का अहम योगदान रहा।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी-कर्मचारी निरंजन मानिक, जगत चक्रेश, सुश्री सीमा तिग्गा, श्रीमती जीरामणि भगत सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी और नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहे।

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