धमतरी: सेवा संकल्प अभियान के ‘निदान-03’ शिविर से संवर रही दिव्यांगजनों की जिंदगी, 600 से अधिक को मिला सहायक उपकरणों का संबल

धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत धमतरी जिले में आयोजित तीन दिवसीय विशेष शिविर ‘निदान-03’ दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता लेकर आया है। जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर के पहले दो दिनों में ही 632 दिव्यांगजन पहुंचे, जहां उन्हें एक ही छत के नीचे कृत्रिम अंग, आधुनिक सहायक उपकरण और विभिन्न शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराया गया।

इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की दैनिक चुनौतियों को कम कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।

पहले दो दिनों में 632 दिव्यांगजनों का पंजीयन, मौके पर ही मिले प्रमाण पत्र

  • पहला दिन (8 अक्टूबर – नगरी): नगरी विकासखंड स्थित श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शिविर में 172 दिव्यांगजन शामिल हुए। यहां पात्र हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी और वॉकर बांटे गए। इसके साथ ही 9 दिव्यांगजनों के कृत्रिम हाथ-पैर तैयार करने के लिए माप लिया गया, वहीं मौके पर ही 18 दिव्यांगता प्रमाण पत्र और 44 यूडीआईडी (UDID) कार्ड जारी किए गए।
  • दूसरा दिन (10 अक्टूबर – धमतरी): धमतरी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित बड़े शिविर में 460 दिव्यांगजन पहुंचे, जिनमें से 359 हितग्राहियों को विभिन्न उपकरणों और सुविधाओं से लाभान्वित किया गया।

एक ही छत के नीचे मिलीं तमाम जरूरी सेवाएं

धमतरी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावडि़या और महापौर रामू रोहरा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

शिविर में कृत्रिम हाथ, पैर, कैलिपर्स, श्रवण यंत्र, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, स्मार्ट केन और वॉकर का वितरण किया गया। दिव्यांगजनों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए शिविर स्थल पर ही बस पास, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और पहचान संबंधी सुविधाएं तुरंत बनाकर सौंपी गईं।

जनसंपर्क प्रदर्शनी और ‘जनमन’ पत्रिका रही आकर्षण का केंद्र

शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए थे। जनसंपर्क विभाग की ओर से लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी और मासिक पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ जनमन’ का निःशुल्क वितरण लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कलेक्टर ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देकर उन्हें सशक्त और स्वावलंबी बनाना जिला प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है। अभियान के अंतिम दिन भी पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण और कृत्रिम अंगों के नाप लेने का काम जारी रहेगा ताकि कोई भी जरूरतमंद छूट न जाए।

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