- ‘शक्ति स्वरूपा’ कॉन्क्लेव में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान
- महतारी वंदन योजना: 68 लाख महिलाओं को 32 किस्तों में ₹20,700 करोड़ से अधिक की आर्थिक मदद
- लक्ष्य से आगे निकला छत्तीसगढ़— 14 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
- बस्तर में नक्सल हिंसा से बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा शुरू, बेटियों की शिक्षा पर विशेष फोकस
रायपुर। “छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। हमारा लक्ष्य महिलाओं को सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाकर रखना नहीं, बल्कि उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रणी नेतृत्वकर्ता बनाना है।” यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देकर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मां के संघर्षों ने सिखाया जनसेवा का मर्म
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए अपने बचपन के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, “मेरा जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। बचपन में ही पिता का साया उठने के बाद मैंने अपनी मां को विषम परिस्थितियों में खेती-बाड़ी करते और परिवार संभालते देखा। मां के त्याग, सनातन मूल्यों और संघर्षों ने ही मुझे जनसेवा और संवेदनशीलता की प्रेरणा दी। आज मुख्यमंत्री के रूप में फैसले लेते वक्त वही संस्कार मेरा मार्गदर्शन करते हैं।”
आर्थिक स्वावलंबन की धुरी बनी ‘महतारी वंदन योजना’
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘महतारी वंदन योजना’ ने राज्य की महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है:
- वित्तीय संबल: 68 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है।
- सीधा लाभ: अब तक 32 किस्तों के जरिए महिलाओं के खातों में ₹20,700 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है।
- त्रुटियों का समाधान: बैंक खाते, तकनीकी खामियों या केवाईसी संबंधी दिक्कतों से छूटी महिलाओं के मामलों का परीक्षण कर त्वरित निराकरण किया जा रहा है।
14 लाख लखपति दीदी: लक्ष्य से दोगुनी सफलता
प्रदेश में 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़कर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘लखपति दीदी’ पहल के तहत छत्तीसगढ़ को 7.82 लाख का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले राज्य में 14 लाख ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ये महिलाएं फूड प्रोसेसिंग, मिलेट प्रसंस्करण, डेयरी, मशरूम उत्पादन, रेडीमेड वस्त्र और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में सफल उद्यमी बनकर दूसरों को रोजगार दे रही हैं।
अधोसंरचना, स्वास्थ्य और सुरक्षा के बड़े कदम
- 481 महतारी सदन: महिला समूहों की बैठकों और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए प्रदेश में 481 नए महतारी सदनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
- रानी दुर्गावती योजना: ₹15 करोड़ का बजट प्रावधान, जिसके तहत पात्र बालिकाओं के 18 वर्ष पूरे होने पर ₹1.5 लाख की वित्तीय सहायता मिलेगी।
- बस्तर में शिक्षा की वापसी: नक्सल हिंसा के चलते सालों से बंद पड़े 421 स्कूलों को सरकार ने दोबारा शुरू कराया है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे अंदरूनी इलाकों में आधुनिक ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही हैं।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: राज्य में करीब 2.49 करोड़ आयुष्मान कार्ड और 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए 6.21 लाख वय-वंदना कार्ड जारी किए गए हैं।
खेलों में बेटियों का परचम, नई औद्योगिक नीति में विशेष अवसर
मुख्यमंत्री ने खेल जगत में राज्य का नाम रोशन करने वाली बेटियों की सराहना की:
- कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद पर पदोन्नति के साथ ₹30 लाख की सम्मान राशि दी गई।
- भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी संजू देवी रावत को ₹50 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
- राष्ट्रीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम में चयनित किरण पिस्दा की उपलब्धियों को सराहा।
- खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए आगामी बजट में खेल उत्कर्ष मिशन हेतु ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में महिलाओं को आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आगे लाने के लिए विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने बेटियों से बड़े लक्ष्य तय करने और कौशल विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया।
