​जशपुर: घोलेंग और सन्ना एकलव्य विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर भड़के कलेक्टर रोहित व्यास, लापरवाही पर दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विशेष शिक्षण संस्थाओं की समीक्षा बैठक में घोलेंग और सन्ना एकलव्य विद्यालयों के खराब परीक्षा परिणाम पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए हर सप्ताह टेस्ट लेने और कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं लगाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

​’सबसे दूर-सबसे पहले’ की तर्ज पर जशपुर के वनांचलों में पहुंचा प्रशासन: पहाड़ी कोरवा परिवारों को मौके पर ही मिला राशन कार्ड और पेंशन का तोहफा

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की पहल पर जशपुर जिले में ‘जनभागीदारी: सबसे दूर-सबसे पहले’ अभियान के तहत वृहद शिविरों का आयोजन।
​जशपुर, मनोरा, पत्थलगांव, बगीचा और दुलदुला ब्लॉक के कई दूरस्थ गांवों में पहुंची प्रशासन की टीम।
​विशेष पिछड़ी जनजाति (पहाड़ी कोरवा) को मौके पर मिला योजनाओं का लाभ; आधार अपडेट, आयुष्मान कार्ड और स्वास्थ्य परीक्षण की भी मिली सुविधा।

एकलव्य विद्यालय के धीमे निर्माण पर नाराज हुए जशपुर कलेक्टर, फरसाबहार में अफसरों को दो टूक— ‘समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों काम’

जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने फरसाबहार ब्लॉक का किया औचक दौरा, निर्माणाधीन विद्यालय, हॉस्टल और सरकारी आवासों का लिया जायजा।
​39.74 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी, कार्य में तेजी लाने के निर्देश।
​50 सीटर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास और हाउसिंग बोर्ड के आवासों के निरीक्षण के दौरान बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाएं पुख्ता करने की दी हिदायत।

जशपुर के बड़ाकरौंजा में कल सजेगा ‘सुशासन तिहार’: 15 गांवों के ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर होगा त्वरित निपटारा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर में जनसमस्या निवारण के लिए ‘सुशासन तिहार 2026’ का आयोजन।
​23 मई को जनपद पंचायत जशपुर के ग्राम बड़ाकरौंजा में लगेगा वृहद शिविर, कलेक्टर रोहित व्यास ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी।
​बड़ाकरौंजा, घोलेंग, बघिमा और जशपुर सहित 15 गांवों के ग्रामीण सीधे जिला प्रशासन के सामने रख सकेंगे अपनी मांगें और शिकायतें।

जशपुर: पशुपालन से आत्मनिर्भर बन रहे पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार, बेहराखार में लगा विशेष चिकित्सा व जागरूकता शिविर

जशपुर के कुनकुरी ब्लॉक में विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पशु चिकित्सा सह जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर का सबसे बड़ा आकर्षण प्रशासन की त्वरित कार्रवाई रही, जहां आजीविका के लिए आवेदन मिलने के अगले ही दिन 12 बिरहोर परिवारों को कुक्कुट (मुर्गी पालन) का वितरण कर दिया गया।

धसमा में अवैध रेत खनन का सच: ग्रामीणों ने कहा—‘रोज 50 ट्रैक्टर नहीं, पीएम आवास के लिए अपनी नदी से लाए थे रेत’

जशपुर के धसमा में ‘अवैध रेत खनन’ के दावों पर ग्रामीणों और प्रशासन की जांच में बड़ा खुलासा। रोज़ाना 50 ट्रैक्टर रेत निकालने की बात निकली अफवाह, खुद के आशियाने के लिए ग्रामीणों ने निकाली थी रेत।

जशपुर: दुलदुला स्वास्थ्य केंद्र में सिकल सेल मरीजों के लिए विशेष शिविर, शादी से पहले ‘सिकल कुंडली’ मिलाने और योग अपनाने की दी गई सलाह

जशपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला में आयोजित ‘पीयर सपोर्ट मीटिंग’ में सिकल सेल मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर स्वास्थ्य सलाह दी गई। डॉक्टरों ने भीषण गर्मी में बचाव के तरीकों के साथ-साथ शादी से पहले सिकल सेल जांच (कुंडली मिलान) की अनिवार्यता पर जोर दिया।

जशपुर के ठुठीअम्बा में ग्रामीणों ने सीखे कुसमी लाख पालन के गुर, बढ़ेगी आमदनी, परंपरागत खेती से वैज्ञानिक तकनीक की ओर

जशपुर वन परिक्षेत्र के ठुठीअम्बा गाँव में FES और वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम।
​करीब 100 किसान परिवारों ने लिया हिस्सा; पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़ अब वैज्ञानिक पद्धति से करेंगे लाख का उत्पादन।
​लाख बिहन (बीज) उपचार से लेकर कीट-फफूंद नियंत्रण की मिली बारीकी से जानकारी।

जशपुर के गांवों में ही मिलेंगी 400+ सरकारी सुविधाएं,अब छोटे कामों के लिए नहीं काटने पड़ेंगे जिला मुख्यालय के चक्कर

​जशपुर जिले के दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें विवाह पंजीकरण या भवन निर्माण की एनओसी (NOC) जैसे कामों के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। ‘सेवा-सेतु पोर्टल’ (e-District 2.0) के जरिए 400 से ज्यादा डिजिटल सरकारी सेवाएं अब सीधे उनके ग्राम पंचायत के ‘लोक सेवा केंद्र’ पर ही उपलब्ध होंगी।

जशपुर का बगिया बनेगा स्मार्ट सिंचाई का राष्ट्रीय मॉडल, अंडरग्राउंड पाइप और IoT तकनीक से बुझेगी 13 गांवों के खेतों की प्यास

अब जशपुर के किसानों को सिंचाई के लिए सिर्फ बारिश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। जिले के कांसाबेल ब्लॉक में करीब 119 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक एम-कैड (M-CAD) सिंचाई योजना आकार ले रही है। देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 प्रोजेक्ट्स में छत्तीसगढ़ का यह इकलौता मॉडल है, जहां सौर ऊर्जा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक तय करेगी कि खेतों को कब और कितना पानी चाहिए।