जशपुर, 14 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ को समृद्ध और विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में जशपुर जिले में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण साप्ताहिक समय सीमा (TL) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के सभी आला अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के सख्त निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
छूटे हुए हितग्राहियों के लिए चलेगा विशेष सर्वेक्षण
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्पष्ट किया कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे, इसके लिए एक व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस सर्वे के जरिए छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें सीधे तौर पर लाभान्वित किया जाएगा।
इन 31 प्रमुख योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
अभियान के तहत कुल 31 प्रकार की शासकीय योजनाओं को समाहित किया गया है, जिनमें से प्रमुख योजनाएं निम्नलिखित हैं:
- रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा: मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं।
- आवास एवं बुनियादी जरूरतें: प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड और जल जीवन मिशन के तहत घरेलू नल कनेक्शन।
- स्वास्थ्य एवं पोषण: आयुष्मान कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, गर्भवती महिलाओं व बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन।
- प्रमाण पत्र एवं वित्तीय समावेशन: आय, जाति, निवास व विवाह प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत बैंक खाते।
- युवा विकास: कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज’, PMGSY को लेकर कड़े निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के तहत जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने प्रगतिरत मंगल भवन, सामुदायिक भवन, सीसी रोड, सांस्कृतिक भवन, खेल मैदान और मिनी स्टेडियम के निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही सड़कों को लेकर कलेक्टर ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा:
”सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारी खुद फील्ड पर उतरकर निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग करें। अगर कहीं भी गुणवत्ताहीन काम पाया गया, तो संबंधितों पर सीधी और सख्त कार्रवाई तय की जाएगी।”
जनसमस्याओं के निराकरण में न हो देरी
आम जनता की शिकायतों और समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देशित किया कि आम जनता से प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से अध्ययन करें और समय सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
