जशपुर: अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर शासकीय महाविद्यालय दुलदुला में ‘मेरा युवा भारत’ (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं से बचाव, त्वरित प्रतिक्रिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ नोडल अधिकारी एवं NSS कार्यक्रम अधिकारी हेमलाल रात्रे ने किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपदा कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आती, इसलिए युवाओं की सतर्कता और तैयारी ही वास्तविक सुरक्षा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आपदा प्रबंधन से जुड़े इस व्यावहारिक ज्ञान को सिर्फ कॉलेज तक सीमित न रखकर अपने गांव और घर-घर तक पहुंचाएं।
चार सत्रों में हुआ व्यावहारिक प्रशिक्षण
पूरे आयोजन को चार चरणों में संचालित किया गया:
- आपदा जोखिम न्यूनीकरण सत्र: आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ स्वर्णकार ने मुख्य वक्ता के रूप में बाढ़, भूकंप, आकाशीय बिजली (ठनका), सूखा और आगजनी जैसी घटनाओं से बचाव के व्यावहारिक तरीके समझाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन पूर्व तैयारी और सटीक जानकारी से जोखिम को 90% तक कम किया जा सकता है।
- प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता: सीखे गए उपायों पर आधारित क्विज प्रतियोगिता हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- पर्यावरण व वृक्षारोपण: महाविद्यालय परिसर में फलदार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम संचालक एवं विवेकानंद यूथ क्लब के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक हेमराज सिंह ने कहा कि जशपुर जैसे पहाड़ी भूभाग में अंधाधुंध कटाई से भूस्खलन और जल संकट का खतरा बढ़ रहा है। सघन वृक्षारोपण ही प्राकृतिक आपदाओं का सबसे टिकाऊ समाधान है।
- सम्मान समारोह: महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती निशी एक्का ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने ‘मेरा युवा भारत’ की पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर सजग रहने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में प्राध्यापिका दास सहित महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में मेरा युवा भारत के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक प्रियंका साय एवं स्वयंसेवक शिव दयाल चौहान ने आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का विधिवत समापन किया।
