नशा मुक्ति और बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं के खतरे पर जशपुरांचल इंग्लिश स्कूल में जागरूकता शिविर

जशपुरनगर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला जशपुर द्वारा मधुवन टोली स्थित जशपुरांचल इंग्लिश स्कूल में नशा मुक्ति और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से आगाह करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग से बचने का कड़ा संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर नुकसान के बारे में विस्तार से समझाया। छात्रों को नशे से पूरी तरह दूर रहने, अनुशासित दिनचर्या अपनाने और परिवार व समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके साथ ही स्वास्थ्य जगत में तेजी से उभर रहे गंभीर खतरे ‘एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस’ (एएमआर) पर जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि साधारण सर्दी-जुकाम या बिना जरूरत के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है। अत्यधिक और गलत इस्तेमाल से शरीर में मौजूद बैक्टीरिया इन दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे भविष्य में गंभीर संक्रमण होने पर दवाएं बेअसर हो जाती हैं।

कार्यक्रम में छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक कभी न खरीदें और यदि डॉक्टर ने दवा लिखी है, तो उसका निर्धारित कोर्स अधूरा न छोड़ें।

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