- ओडिशा पर्यटन विभाग का विशेष न्योता: भुवनेश्वर स्थित सेवा भवन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए जशपुर के प्रतिनिधि।
- ग्रामीण आजीविका का सशक्त मॉडल: पर्यटकों की मेजबानी से ग्रामीण परिवारों की आमदनी और आत्मविश्वास दोनों में बढ़ोतरी।
- खास उपलब्धि: देशदेखा (ग्राम केरे) के होमस्टे संचालक बिपिन राम ने साझा किया अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मेजबानी का अनुभव।
जशपुर (01 अक्टूबर 2026):
छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जिले जशपुर में विकसित हो रहा समुदाय आधारित होमस्टे मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। विश्व पर्यटन दिवस 2026 के मौके पर ओडिशा पर्यटन विभाग के विशेष आमंत्रण पर जशपुर के प्रतिनिधिमंडल ने भुवनेश्वर पहुंचकर अपने सफल प्रयोग को साझा किया। भुवनेश्वर स्थित सेवा भवन में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर के मॉडल की सराहना की गई और इसे दूसरे राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बताया गया।
कार्यक्रम में जशपुर जिले के पर्यटन नोडल अधिकारी दीपक मिंज और ग्राम केरे (देशदेखा) के होमस्टे संचालक बिपिन राम ने भाग लिया। दोनों प्रतिनिधियों ने मंच से जिले में होमस्टे की शुरुआत, स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता और ग्रामीण परिवारों की आजीविका में आए बड़े बदलावों का पूरा खाका प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री की पहल: पर्यटन से स्वरोजगार और संस्कृति का संरक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। इस पहल का मकसद केवल पर्यटकों को ठहराने की जगह देना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को पर्यटन उद्यमी बनाना है। इससे स्थानीय खान-पान, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण हो रहा है, साथ ही पर्यटन से होने वाला आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय ग्रामीणों की जेब तक पहुंच रहा है।
जब अंतरिक्ष यात्री बने ग्रामीण होमस्टे के मेहमान
कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते हुए ग्राम केरे निवासी बिपिन राम ने बताया कि होमस्टे संचालन ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। आय बढ़ने के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों से संवाद ने उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि उनके होमस्टे में भारत के भावी अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी ठहर चुके हैं, जो उनके पूरे परिवार और गांव के लिए एक यादगार उपलब्धि रही।
सिर्फ मकान बनाना काफी नहीं, ट्रेनिंग और डिजिटल मार्केटिंग जरूरी
जशपुर के प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन की सफलता सिर्फ बुनियादी ढांचे पर निर्भर नहीं करती। इसके लिए परिवारों को हॉस्पिटैलिटी की ट्रेनिंग देना, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लिस्टिंग, प्रभावी मार्केटिंग और लगातार प्रशासनिक मार्गदर्शन जरूरी है। जिला प्रशासन इसी रणनीति पर काम कर रहा है ताकि ग्रामीणों को सालभर नियमित आय मिल सके। इस साझा अनुभव से दोनों पड़ोसी राज्यों में ग्रामीण पर्यटन को और गति मिलने की उम्मीद है।
जशपुर में होमस्टे बुकिंग के लिए संपर्क:
प्रकृति के बीच शांत वातावरण और स्थानीय संस्कृति का अनुभव करने के लिए जशपुर के मॉडल होमस्टे की बुकिंग हेतु +91 9589816208 पर संपर्क किया जा सकता है।
