जशपुर (22 जुलाई 2026):
बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में तेजी से इजाफा होता है, जिससे हर साल कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। इन संभावित खतरों को देखते हुए जशपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने साफ तौर पर अपील की है कि मौसम खराब होने या तेज गरज-चमक के दौरान लोग लापरवाही न बरतें और तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
खुले मैदान और पेड़ों से बनाएं दूरी
प्रशासन ने अपनी गाइडलाइन में बताया है कि जब भी आसमान में बिजली कड़क रही हो, तो खुले मैदान, खेत, पहाड़ी इलाकों और नदी-तालाबों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें। अक्सर लोग बारिश से बचने के लिए पेड़ों के नीचे खड़े हो जाते हैं, जो सबसे बड़ा खतरा है। आकाशीय बिजली सबसे ज्यादा पेड़ों को ही अपना निशाना बनाती है। ऐसी स्थिति में हमेशा किसी पक्के मकान या पूरी तरह से बंद वाहन के अंदर ही रहें। बिना किसी बहुत जरूरी काम के खराब मौसम में घर से बाहर न निकलें।
अगर खुले में फंस जाएं तो क्या करें?
कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है कि अचानक मौसम खराब हो जाता है और आसपास कोई सुरक्षित जगह नहीं होती। ऐसे समय के लिए प्रशासन ने एक अहम बचाव का तरीका साझा किया है:
- तुरंत दोनों पैरों को आपस में मिलाकर नीचे उकड़ू (squat) बैठ जाएं।
- अपना सिर नीचे की तरफ झुका लें और हाथों को घुटनों पर रख लें।
- भूलकर भी जमीन पर सीधे न लेटें।
- अगर आप समूह में हैं, तो एक-दूसरे से उचित दूरी बना लें ताकि खतरे को कम किया जा सके।
बिजली गिरने पर तुरंत दें फर्स्ट-एड, छूना है सुरक्षित
स्वास्थ्य विभाग ने एक बहुत बड़ी गलतफहमी को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि आकाशीय बिजली से झुलसे व्यक्ति को छूना पूरी तरह से सुरक्षित है। व्यक्ति के शरीर में कोई करंट नहीं रहता।
अगर कोई बिजली की चपेट में आ जाए, तो घबराएं नहीं। तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल करें या मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं। अगर घायल व्यक्ति की सांस या नब्ज रुक गई है, तो किसी प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू कर देना चाहिए। शुरुआती कुछ मिनटों की यह कोशिश किसी की जान बचा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है— “जब भी गरज सुनाई दे, तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर भागें, क्योंकि आपकी जरा सी सतर्कता आपका जीवन बचा सकती है।”
