- 8 करोड़ की लागत से शुरू हुई सुविधा: अब गंभीर और आपातकालीन मरीजों को जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर या निजी अस्पताल।
- समय और पैसे की होगी बचत: स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक जांच मिलने से डॉक्टरों को तुरंत इलाज शुरू करने में मिलेगी मदद।
- मरीजों के बीच मनाया जन्मदिन: अस्पताल के वार्डों में जाकर जाना मरीजों का हालचाल, फल बांटे और स्वास्थ्यकर्मियों से की चर्चा।
एमसीबी (01 अक्टूबर 2026):
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने जन्मदिन के मौके पर चिरमिरी जिला अस्पताल में करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का विधिवत शुभारंभ किया। इस सुविधा के शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना को बड़ी मजबूती मिली है। अब गंभीर बीमारियों और इमरजेंसी मामलों में मरीजों को महंगी सीटी स्कैन जांच के लिए बड़े शहरों या प्राइवेट सेंटरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने अपना जन्मदिन अस्पताल में भर्ती मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच मनाया। उन्होंने विभिन्न वार्डों का दौरा कर मरीजों का हालचाल जाना, उन्हें फल वितरित किए और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ से बातचीत कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
स्थानीय स्तर पर मिलेगी हाई-टेक जांच, तुरंत तय होगा इलाज
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों की जांच मौके पर ही हो सकेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को दूसरे शहरों तक भागदौड़ की परेशानी से राहत मिलेगी, साथ ही समय और भारी आर्थिक खर्च की भी बचत होगी। जांच रिपोर्ट तुरंत मिलने से डॉक्टरों को समय रहते सही उपचार शुरू करने में आसानी होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी अस्पतालों को हाई-टेक सुविधाओं से लैस करना है, ताकि आम जनता को बेहतर इलाज के लिए महानगरों का रुख न करना पड़े।
चिरमिरी और आसपास के सीमावर्ती इलाकों को सीधा फायदा
स्वास्थ्य मंत्री ने चिरमिरी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने कोयला उत्पादन के जरिए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में हमेशा अहम भूमिका निभाई है। यहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग लंबे समय से थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और 8 करोड़ की यह सौगात उसी कड़ी का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि इस सुविधा का फायदा केवल एमसीबी जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण व सीमावर्ती क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
