- CMHO से फोन पर ली जानकारी: मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को बच्ची की चौबीसों घंटे निगरानी और हाई-लेवल मेडिकल केयर सुनिश्चित करने को कहा।
- इलाज के साथ सुरक्षित भविष्य जरूरी: बच्ची के पालन-पोषण और कानूनी संरक्षण के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश।
- ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंची थी मासूम: खुले खेत में असहाय हालत में मिली थी नवजात, डॉक्टरों की देखरेख में हालत स्थिर।
अंबिकापुर/सरगुजा (01 अक्टूबर 2026):
सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में एक लावारिस नवजात बच्ची के मिलने का संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने तुरंत संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से फोन पर चर्चा कर बच्ची को हर संभव बेहतर इलाज और सुरक्षित देखरेख मुहैया कराने के कड़े निर्देश दिए।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि इतनी छोटी और असहाय बच्ची के इलाज व देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों को नवजात को लगातार मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखने और आवश्यकतानुसार सभी जरूरी दवाएं व सुविधाएं फौरन उपलब्ध कराने को कहा है।
बच्ची की जिंदगी और सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता
घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि एक नन्ही जान का इस तरह खुले खेत में असहाय अवस्था में मिलना दिल को झकझोर देने वाला है। उन्होंने कहा, “इस वक्त सबसे महत्वपूर्ण बच्ची की जान, उसका स्वास्थ्य और सुरक्षा है। मासूम को न केवल बेहतर इलाज मिलना चाहिए, बल्कि उसे एक सुरक्षित माहौल और भविष्य के लिए कानूनी व सामाजिक संरक्षण भी मिलना चाहिए।”
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रशासन को निर्देश दिया कि बच्ची के आगे के संरक्षण, देखरेख और पालन-पोषण की प्रक्रिया को पूरी संवेदनशीलता के साथ पूरा किया जाए।
ग्रामीणों की सजगता से बची जान
दरिमा क्षेत्र के ग्रामीणों ने खेत के पास नवजात को लावारिस हालत में देखा और बिना देर किए तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बच्ची को नियोनेटरल/आईसीयू निगरानी में रखा गया है और उसकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मंत्री ने बच्ची के जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करें कि बच्ची के जीवन में किसी प्रकार की कमी न आए।
