जशपुरनगर:
पहाड़ी और पठारी क्षेत्र वाले जशपुर जिले में अधोसंरचना और ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर बोकी-आरा मार्ग स्थित गिरमा नदी पर उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा हो चुका है। ₹4 करोड़ 41 लाख 33 हजार की लागत से बने 100 मीटर लंबे इस पुल के शुरू होने से क्षेत्र के 8 गांवों की 5 हजार से अधिक आबादी को सालभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
बारिश में टूटने वाला संपर्क अब बीते दिनों की बात
गिरमा नदी पर पुल नहीं होने से हर साल मानसून में नदी का जलस्तर बढ़ते ही बोकी-आरा मार्ग पूरी तरह ठप हो जाता था। तेज बहाव के बीच जान जोखिम में डालकर नदी पार करना ग्रामीणों की मजबूरी थी। इसका सीधा असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों पर पड़ता था। अब इस उच्चस्तरीय पुल के बनने से बारिश के दिनों में भी संपर्क निर्बाध रहेगा।
इन 8 गांवों के 5,100 से अधिक लोगों को सीधा फायदा
इस पुल के तैयार होने से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इससे लाभान्वित होने वाले प्रमुख गांव हैं:
- बोकी
- बालाछपर
- कोरमकेरा
- बिरोपानी
- रनपुर
- सालेकेरा
- नारायणपुर
- झिलमिली
अब इन गांवों के लोगों के लिए अस्पताल, हाट-बाजार, स्कूल और तहसील मुख्यालय तक पहुंचना आसान हो गया है। किसानों और व्यापारियों को कृषि उपज मंडी तक ले जाने में समय और भाड़े दोनों की बचत होगी।
झारखंड के प्रसिद्ध ‘रामरेखा धाम’ की राह भी हुई आसान
बोकी-आरा मार्ग अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी के लिहाज से भी बेहद अहम है। गिरमा नदी पर पुल बनने से झारखंड के सिमडेगा स्थित विख्यात तीर्थ स्थल रामरेखा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सफर सुगम हो गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क दुरुस्त होने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
जिले में 22 उच्चस्तरीय पुल स्वीकृत
जशपुर जिले में नदी-नालों पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 2 पुलों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी पुलों पर तेजी से काम चल रहा है। ग्रामीणों ने इस बहुप्रतीक्षित पुल के निर्माण पर हर्ष जताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।