रायपुर: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों के क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री वर्मा ने समयबद्ध कार्यों में हो रहे विलंब पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक ढिलाई को फौरन दूर करने और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में उच्च शिक्षा सचिव श्री अविनाश चंपावत, आयुक्त श्रीमती रीता यादव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
भर्ती और पदोन्नति के लिए डेडलाइन तय शासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जारी प्रवेश प्रक्रिया का जायजा लेते हुए मंत्री ने भर्ती और पदोन्नति को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय की:
- 700 सहायक प्राध्यापक भर्ती: प्रक्रिया में आ रही सभी तकनीकी व प्रशासनिक रुकावटों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
- 595 प्राध्यापक पद: सीधी भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।
- प्राचार्य पदोन्नति: स्नातक प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति की पेंडेंसी पर कड़ा रुख अपनाते हुए 15 सितंबर 2026 तक समस्त कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वालों की जांच रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
वेतनमान प्रकरण 1 अक्टूबर तक सुलझाने का आदेश वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी वेतनमान मिलने में देरी के चलते शिक्षकों द्वारा न्यायालय की शरण लेने पर मंत्री ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में लंबित न्यायालयीन याचिकाओं और वेतनमान मामलों का निराकरण हर हाल में 1 अक्टूबर 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा कर आदेश जारी किए जाएं। इसके अलावा, शिक्षकों के पीएचडी अनुमोदन और मंत्री कार्यालय को प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विस्तृत विवरण भी तलब किया गया।
सीट वृद्धि के लिए लागू होगा नया कैलेंडर महाविद्यालयों में सीट वृद्धि को लेकर होने वाले भ्रम और त्रुटियों को समाप्त करने के लिए नया कैलेंडर लागू करने का निर्णय लिया गया:
- दिसंबर-जनवरी विंडो: शासकीय एवं निजी कॉलेजों से सीट वृद्धि के प्रस्ताव दिसंबर तक मंगाए जाएंगे और जनवरी तक इनकी स्वीकृतियां जारी होंगी।
- व्यावसायिक पाठ्यक्रम: लॉ और बी.एड. जैसे पाठ्यक्रमों के लिए 31 दिसंबर तक प्राप्त होने वाले ऑनलाइन आवेदनों का निराकरण समय-सीमा के भीतर किया जाएगा।
- नियामक संस्थाओं के नियम: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के प्रति सेक्शन 60 छात्रों के नियम के समायोजन की तैयारी शुरू करने और 4-वर्षीय बी.एड. के लिए NCTE की नैक ग्रेडिंग शर्तों पर चर्चा हेतु एक विशेष टीम दिल्ली भेजने के निर्देश दिए गए।
वित्तीय पारदर्शिता और औचक निरीक्षण समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्येक कॉलेज को आवंटित बजट की अधूरी जानकारी पर मंत्री ने असंतोष जताया और महाविद्यालयवार पूर्ण ब्योरा तत्काल प्रस्तुत करने को कहा। वहीं शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण करने का भी फैसला लिया गया।