जशपुरनगर, 21 जून 2026
कहते हैं कि जब इंसान सारे रास्ते हार जाता है, तो उम्मीद की एक आखिरी किरण ही उसे बचा ले जाती है। जशपुर के रहने वाले 44 वर्षीय जितेंद्र कुमार यादव और उनके परिवार के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वही उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं। गंभीर किडनी की बीमारी (Chronic Kidney Disease) से जूझ रहे जितेंद्र के इलाज के लिए मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए ₹3,95,121 (तीन लाख पचानवे हजार एक सौ इक्कीस रुपये) की आर्थिक सहायता मंजूर की है।
यह राहत मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत दी गई है, जिससे अब जितेंद्र को एक नया जीवन मिलने की उम्मीद जग गई है।
जब हर तरफ से टूटने लगी थी उम्मीद
जितेंद्र कुमार यादव काफी समय से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। डॉक्टरों ने उन्हें साफ कह दिया है कि उनकी जान बचाने के लिए ‘रेनल ट्रांसप्लांट’ (किडनी प्रत्यारोपण) ही एकमात्र रास्ता है। लेकिन इस महंगे इलाज के आगे परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति दीवार बनकर खड़ी हो गई। इलाज का खर्च उठाना परिवार के बस से बाहर हो चुका था और हर बीतते दिन के साथ जितेंद्र की सेहत बिगड़ती जा रही थी।
बगिया कैंप कार्यालय पहुंचते ही दूर हुई चिंता
निराशा के बीच परिवार को मुख्यमंत्री के निजी निवास स्थित ‘सीएम कैंप कार्यालय, बगिया’ के बारे में पता चला। परिजन तुरंत वहां पहुंचे और जितेंद्र के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाते हुए एक आवेदन सौंपा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास जैसे ही यह मामला पहुंचा, उन्होंने इसकी गंभीरता को समझा। बिना किसी प्रशासनिक देरी के, सीएम के त्वरित निर्देशों के बाद राज्य नोडल एजेंसी ने राशि जारी करने का आदेश दे दिया।
अहमदाबाद में होगा ट्रांसप्लांट
मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत की गई यह राशि सीधे जी. आर. दोशी एवं के. एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड रिसर्च सेंटर, अहमदाबाद (गुजरात) को भेजी जाएगी। इसी प्रतिष्ठित अस्पताल में जितेंद्र का किडनी ट्रांसप्लांट, आगे का इलाज और जरूरी दवाइयों का खर्च इस सरकारी मदद से पूरा किया जाएगा।
“हमारी सरकार का संकल्प है कि पैसों की कमी के कारण किसी भी गरीब या जरूरतमंद का इलाज नहीं रुकना चाहिए। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना इसीलिए बनाई गई है ताकि वक्त रहते लोगों को जीवनरक्षक इलाज मिल सके।”
— श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
परिजनों ने कहा- ‘साहब ने हमें नया जीवन दे दिया’
इस बड़ी सहायता की खबर मिलते ही जितेंद्र के परिवार ने राहत की गहरी सांस ली है। उनकी आंखों से छलकते आंसू अब मुख्यमंत्री के प्रति आभार में बदल चुके हैं। परिजनों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री ने जिस तरह एक अभिभावक की तरह उनकी मदद की है, उसे वे कभी नहीं भूल सकते। यह मदद न सिर्फ एक मरीज का इलाज करेगी, बल्कि सरकार के मानवीय और संवेदनशील चेहरे को भी बयां करती है।
