जशपुर में कल सजेगी विकास की चौपाल: ग्रामसभाओं में पढ़ी जाएगी ‘आवास प्लस 2.0’ की लिस्ट, 1.02 लाख से अधिक परिवारों की उम्मीदों को मिलेगी मंजूरी

जशपुरनगर, 23 जून।

जशपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों के पक्के मकान का सपना अब सच होने की राह पर है। ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कल यानी 24 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ‘ग्रामसभा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस चौपाल का सबसे मुख्य एजेंडा ‘आवास प्लस 2.0’ की नई सूची को सार्वजनिक करना है, ताकि कोई भी गरीब और जरूरतमंद अपने हक से वंचित न रह जाए।

​इस बार जिला प्रशासन ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने का फैसला किया है। ग्रामसभा में किसी बंद कमरे की तरह काम नहीं होगा, बल्कि सभी ग्रामीणों के सामने पूरी सूची का जोर-जोर से ‘सार्वजनिक वाचन’ (पढ़कर सुनाया) किया जाएगा। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है या किसी अपात्र का नाम शामिल हो गया है, तो ग्रामीणों को मौके पर ही दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अधिकार होगा। ग्रामसभा की हरी झंडी मिलने के बाद ही इस लिस्ट को अंतिम रूप से ‘आवास सॉफ्टवेयर’ पर अपलोड किया जाएगा।

आंकड़ों में समझिए: विकासखंडवार कितने परिवारों का हुआ सर्वे

​जिले में कुल 1,02,371 परिवारों का सर्वे किया गया है, जिनकी किस्मत का फैसला कल की ग्रामसभा में होगा। विकासखंडों के अनुसार सर्वेक्षित परिवारों की संख्या इस प्रकार है:

  • पत्थलगांव: 24,529 परिवार
  • बगीचा: 18,926 परिवार
  • फरसाबहार: 15,649 परिवार
  • कुनकुरी: 10,535 परिवार
  • कांसाबेल: 9,039 परिवार
  • जशपुर: 8,432 परिवार
  • दुलदुला: 8,049 परिवार
  • मनोरा: 7,212 परिवार

कल ग्रामसभा में क्या-क्या होगा?

​24 जून को होने वाली इस बैठक में सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के भविष्य की रूपरेखा तय होगी। सभा के मुख्य एजेंडे इस प्रकार हैं:

  • आवास लिस्ट का वाचन: आवास प्लस 2.0 की नई सर्वे सूची को पढ़कर सुनाया जाना।
  • पात्रता की जांच: यह सुनिश्चित करना कि घर सचमुच जरूरतमंद को ही मिले।
  • दावा-आपत्ति का मौका: छूटे हुए नामों को जोड़ने और गलत नामों पर आपत्ति का सीधा अवसर।
  • गाँव का विकास: मनरेगा रोजगार, पंचायत के अन्य पेंडिंग कार्य और विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी ग्रामीणों के सामने रखी जाएगी।

कलेक्टर की अपील: ‘घर से निकलें, गाँव के विकास में भागीदार बनें’

​जिला प्रशासन ने जिले के सभी ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे कल 24 जून को अपने-अपने गांवों में होने वाली ग्रामसभा में अनिवार्य रूप से शामिल हों। प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों की उपस्थिति ही इस पूरी प्रक्रिया को मजबूत और पारदर्शी बनाएगी, इसलिए अपने अधिकारों का प्रयोग करें और गांव के विकास में अपनी सीधी भागीदारी निभाएं।

संपादकीय टिप्पणी: ‘आवास प्लस 2.0’ सिर्फ एक सरकारी योजना या आंकड़ों का पुलिंदा नहीं है। यह जशपुर के 1 लाख से अधिक उन परिवारों की उम्मीद है, जो आज भी कच्चे या जर्जर मकानों में रहकर मौसम की मार झेलते हैं। ग्रामसभा में पारदर्शिता की यह पहल बिचौलियों के खेल को खत्म करेगी और सीधे हकदार तक उसका हक पहुंचाएगी।

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