जशपुर में अवैध रेत उत्खनन पर खनिज विभाग का बड़ा हंटर: 200 ट्रैक्टर रेत जब्त, वसूला भारी जुर्माना

जशपुरनगर, 24 जून 2026:

जशपुर जिले में बहने वाली शंख नदी से रेत का अवैध काला कारोबार करने वाले माफियाओं के खिलाफ जिला खनिज विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में चल रहे अवैध रेत उत्खनन और तस्करी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, विभाग ने औचक दबिश देकर हड़कंप मचा दिया। इस बड़ी कार्रवाई में करीब 200 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत जब्त की गई है और दोषियों से ₹1,46,800 का अर्थदंड (जुर्माना) वसूल कर सरकारी खजाने में जमा कराया गया है।

​मनमाने दाम और तस्करी की मिल रही थी शिकायत

​दरअसल, जशपुर जिले में इस वक्त केवल 02 रेत खदानें ही वैध रूप से संचालित हैं। इसी कमी का फायदा उठाकर रेत माफिया बिना रॉयल्टी चुकाए धड़ल्ले से रेत की तस्करी कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब माफियाओं ने सिंडिकेट बनाकर आम जनता के लिए रेत की कीमत में सीधे ₹400 प्रति ट्रैक्टर का इजाफा कर दिया। इसकी शिकायत जब प्रशासन तक पहुंची, तो जिला खनिज विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया।

​शंख नदी के किनारे मिला अवैध रेत का ‘पहाड़’

​जिला सहायक खनिज अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग की टीम ने 11 जून को झारखंड सीमा से लगे ग्राम पोड़ी में शंख नदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को नदी किनारे भारी मात्रा में रेत का अवैध स्टॉक मिला। नापने पर यह करीब 600 घन मीटर (लगभग 200 ट्रैक्टर-ट्रॉली) पाई गई, जिसे अवैध रूप से डंप करके रखा गया था।

​खनिज विभाग ने तत्काल इस स्टॉक को सीज कर दिया और ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957’ की धारा 21 के तहत सख्त मामला दर्ज किया। इसके बाद कानूनी शिकंजा कसते हुए 16 जून को ₹1,46,800 की जुर्माना राशि खनिज मद में जमा करवाई गई।

​रेत संकट दूर करने के लिए प्रशासन का मास्टरप्लान

​जिले में रेत की किल्लत और माफियाओं की मनमानी को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए प्रशासन अब एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अवैध खनन पर लगाम कसने और आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित दो गांवों—ग्राम पोड़ी और ग्राम पुत्रीचौरा में 5-5 हेक्टेयर (कुल 10 हेक्टेयर) क्षेत्रफल की नई रेत खदानें घोषित कर दी गई हैं।

​अधिकारियों का कहना है कि इन नई खदानों को शुरू करने के लिए टेंडर (निविदा आमंत्रण सूचना) जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही खदान स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। नई खदानें शुरू होने से लोगों को सही कीमत पर रेत मिलेगी और तस्करों के सिंडिकेट की कमर पूरी तरह टूट जाएगी।

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