जशपुरनगर (25 जुलाई):
पर्यावरण संवर्धन और शासकीय वन भूमि की सुरक्षा को लेकर जशपुर वनमंडल पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सन्ना वन परिक्षेत्र के अंतर्गत दो अलग-अलग स्थानों पर किए जा रहे अवैध कब्जों पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। बेदखल की गई जमीन पर प्राकृतिक संतुलन बहाल करने के उद्देश्य से उसी दिन से पौधरोपण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।
सुलेसा और चुंदापाठ में अवैध निर्माण ध्वस्त
वन अमले द्वारा सन्ना परिक्षेत्र के दो गांवों में निरीक्षण के दौरान पाई गई गड़बड़ियों पर नियमानुसार सख्त कदम उठाए गए:
- ग्राम सुलेसा (कक्ष क्रमांक P-107): यहां लगभग 0.669 हेक्टेयर वन भूमि पर अनिल राजवाड़े द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा था। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया।
- ग्राम चुंदापाठ (कक्ष क्रमांक PF-109): यहां सूर्यनारायण यादव द्वारा वन भूमि पर पत्थरों की घेराबंदी कर ईंट की जुड़ाई से छपरी बनाई गई थी, जिसमें मवेशी रखे जा रहे थे। टीम ने मौके पर ही इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर भूमि को अपने आधिपत्य में लिया।
कब्जायुक्त भूमि पर तत्काल वृक्षारोपण
वन विभाग की इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि सिर्फ बेदखली तक मामला सीमित नहीं रहा। मुक्त कराई गई भूमि को हरित स्वरूप देने और क्षेत्र में जैव विविधता (Biodiversity) को बढ़ावा देने के लिए तत्काल पौधरोपण शुरू किया गया।
वन विभाग की सख्त चेतावनी व अपील:
जशपुर वनमंडल ने स्पष्ट किया है कि शासकीय वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी वन भूमि पर अतिक्रमण या वन अपराध की जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी वन कार्यालय को सूचित करें ताकि समय रहते वैधानिक कार्रवाई की जा सके। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
