जशपुर: एससी-एसटी अत्याचार पीड़ितों को मिलेगी त्वरित आर्थिक मदद, जाति प्रमाण पत्र व गवाहों के भत्ते पर लिया गया बड़ा फैसला

जशपुरनगर।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत पीड़ितों को मिलने वाली राहत और न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक में मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कई अहम निर्णय लिए गए।

​बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब केवल जिला स्तर ही नहीं, बल्कि सभी अनुभागों (SDM स्तर) पर भी हर तीन महीने में सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि अनुभाग स्तर पर ही मामलों की त्वरित समीक्षा हो सके।

सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी सहायता राशि

​बैठक में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह ने अधिनियम 1989 एवं आकस्मिकता नियम 1995 के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के व्यक्तियों के खिलाफ शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या संपत्ति संबंधी अत्याचार के मामलों में पुलिस प्राथमिकी दर्ज होने पर शासन नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

​वित्तीय वर्ष 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से अब तक) में स्वीकृत मामलों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि स्वीकृति के बाद राहत राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।

जाति प्रमाण पत्र की अड़चन होगी दूर, ग्राम सभाओं को निर्देश

​समीक्षा के दौरान उप पुलिस अधीक्षक (DSP) भावेश समरथ ने ध्यान दिलाया कि कुछ पीड़ितों के पास जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध न होने के कारण प्रकरणों के निराकरण और सहायता में विलंब होता है।

​इस पर समिति ने जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देश दिए कि वे ग्राम सभाओं के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार और सहयोग सुनिश्चित करें, जिससे पात्र हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र आसानी से और समय पर बनाए जा सकें।

गवाहों के लंबित भत्ते का जल्द होगा भुगतान

​अदालत में गवाही देने आने वाले साक्षियों के यात्रा भत्ते, भोजन व्यय और मजदूरी के लंबित भुगतान का मुद्दा भी बैठक में उठा। इस पर सहायक आयुक्त ने बताया कि शासन से आबंटन राशि (फंड) प्राप्त होते ही सभी लंबित भुगतानों को तुरंत चुकता कर दिया जाएगा।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी व प्रतिनिधि रहे मौजूद

​बैठक में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ, सीएमएचओ डॉ. घनश्याम सिंह जात्रा, जल संसाधन विभाग के ईई विनोद भगत, जिला उद्योग केंद्र के जीएम मनीष भगत, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत, पार्षद कमला कुमारी और सनातन संत समाज गहिरा गुरु मुख्यालय सामरबार के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • अनुभाग स्तर पर समीक्षा: हर तीन माह में अनुभाग (SDM) स्तर पर अनिवार्य रूप से आयोजित होंगी बैठकें।
  • जाति प्रमाण पत्र अभियान: ग्राम सभाओं के माध्यम से पीड़ितों के जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया आसान की जाएगी।
  • डीबीटी भुगतान: स्वीकृत मामलों की आर्थिक सहायता सीधे पीड़ितों के बैंक खाते में जाएगी।
  • गवाहों को राहत: कोर्ट में गवाही देने वाले साक्षियों के लंबित यात्रा भत्ते और मजदूरी का भुगतान बजट मिलते ही किया जाएगा।

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