जशपुरनगर। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को अधिक जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जशपुर कलेक्टोरेट में साप्ताहिक ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
इस सप्ताह जनदर्शन में कुल 49 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने इन आवेदनों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जनदर्शन में उठे प्रमुख मुद्दे
नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को लेकर कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल थे:
- राजस्व प्रकरण: जमीन से जुड़े विवाद, सीमांकन और नामांतरण के मामले।
- बुनियादी जनसुविधाएं: पेयजल आपूर्ति की समस्या, जर्जर सड़कें और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतें।
- शासकीय योजनाएं: सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आजीविका संवर्धन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग।
- विकास कार्य: ग्रामीण क्षेत्रों और वार्डों में अधोसंरचना विकास से जुड़े आवेदन।
”पूरी संवेदनशीलता के साथ हो समस्याओं का निराकरण”
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में आए आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा:
“जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करें और उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। प्रत्येक आवेदन पर पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई होनी चाहिए।”
शिकायतकर्ताओं को मिलेगी उनके प्रकरण की जानकारी
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए, कलेक्टर ने अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवेदनों पर विभाग द्वारा जो भी कार्रवाई की जाती है, उसकी अद्यतन जानकारी (Update) संबंधित आवेदकों को समय पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
विशेष रूप से बुनियादी जनसुविधाओं—जैसे पेयजल, सड़क और स्वच्छता—तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर कलेक्टर ने अधिकारियों को त्वरित और गंभीर कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
