जशपुर/कुनकुरी (16 अक्टूबर 2026):
राज्य में ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रही ‘महतारी वंदन योजना’ ग्रामीण और कस्बाई अंचल की महिलाओं के लिए बड़ा आर्थिक संबल साबित हो रही है। हर महीने खाते में आने वाली निश्चित राशि ने महिलाओं को न सिर्फ दैनिक खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके भीतर स्वरोजगार की नई उम्मीद भी जगाई है।
कुनकुरी क्षेत्र की महिलाओं से बातचीत के दौरान योजना को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। हितग्राहियों ने बताया कि हर महीने 10 से 12 तारीख के बीच उनके बैंक खातों में एक हजार रुपये की डीबीटी राशि सीधे ट्रांसफर हो जाती है। समय पर मिलने वाली इस सहायता से घर-परिवार के जरूरी काम बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरे हो रहे हैं।
मजदूरी छोड़ शुरू किया खुद का काम, अब परिवार को दे रहीं सहारा
स्थानीय निवासी रेहाना खातून के जीवन में इस योजना ने ठोस बदलाव लाया है। रेहाना बताती हैं, “पहले मुझे दैनिक मजदूरी पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां काम और आमदनी दोनों अनिश्चित थे। योजना के तहत मिलने वाली राशि को जोड़कर मैंने घर से ही छोटा व्यवसाय शुरू किया। आज मैं खुद कमाई कर रही हूं और परिवार का सहारा बन पाई हूं।”
वहीं ज्योति पांडेय का कहना है कि पहले छोटी-मोटी निजी जरूरतों या बच्चों की रोजमर्रा की चीजों के लिए भी परिवार के दूसरे सदस्यों से पैसे मांगने पड़ते थे। अब खाते में नियमित राशि आने से वह बिना किसी झिझक के अपने खर्च खुद संभाल लेती हैं।
सम्मान के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
क्षेत्र की कविता और अंजू बताती हैं कि आर्थिक निर्भरता खत्म होने से उनके आत्मविश्वास में बड़ा इजाफा हुआ है। अंजू के मुताबिक, “एक हजार रुपये की यह मदद समय पर मिलने से बजट का संतुलन बना रहता है। अब हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती।” कविता ने कहा कि यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं को सामाजिक रूप से मजबूत करने का जरिया बन चुकी है।
लाभार्थी महिलाओं ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने की ताकत दी है। प्रशासनिक स्तर पर भी अभियान के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र हितग्राही इस लाभ से वंचित न रहे।
