जशपुर नगर:
जशपुर जिले में उच्च एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के कुनकुरी विकासखंड स्थित ग्राम कंडोरा में शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसी शैक्षणिक सत्र से 50 सीटों की क्षमता के साथ कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इस निर्णय से स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रहकर पैरामेडिकल और फिजियोथेरेपी जैसे रोजगारोन्मुखी क्षेत्र में डिग्री हासिल करने का अवसर मिलेगा।
₹1.10 करोड़ के भवन में होगा अस्थायी संचालन, खाली अधोसंरचना का सदुपयोग
कॉलेज का प्रारंभिक संचालन ग्राम कंडोरा में लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से बने नवनिर्मित भवन में किया जाएगा। हाईस्कूल संचालन की अनुमति न मिलने के कारण यह भवन रिक्त था। शासन ने सार्वजनिक अधोसंरचना का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करते हुए इसमें फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने का फैसला लिया है। इससे शासकीय संसाधनों का सही इस्तेमाल होगा और बिना किसी देरी के इसी सत्र से कक्षाएं शुरू की जा सकेंगी।
चराईडांड में ₹13.93 करोड़ से बनेगा स्थायी हाईटेक कैंपस
संस्थान को दीर्घकालिक और अत्याधुनिक रूप देने के लिए कुनकुरी के चराईडांड में एक स्थायी हाईटेक कैंपस विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक परिसर के निर्माण पर करीब 13 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जब तक स्थायी कैंपस का निर्माण पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक शैक्षणिक और प्रायोगिक गतिविधियां कंडोरा परिसर से ही सुचारू रूप से संचालित होंगी।
छात्रों को रोजगार के मौके, मरीजों को मिलेगा विशेषज्ञ इलाज
वर्तमान में जशपुर और आसपास के वनांचल क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को फिजियोथेरेपी की पढ़ाई के लिए रायपुर, बिलासपुर, रांची या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। जिले में कॉलेज खुलने से मध्यमवर्गीय व ग्रामीण परिवारों के बच्चों के लिए यह पढ़ाई सुलभ हो जाएगी।
इसके साथ ही, अस्पताल स्तर पर फिजियोथेरेपी ओपीडी और पुनर्वास सेवाएं शुरू होने से जिले के पक्षाघात (पैरालिसिस), हड्डी व जोड़ों के दर्द तथा न्यूरो विकारों से जूझ रहे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक थैरेपी मिल सकेगी। इससे दूरस्थ शहरों पर मरीजों की निर्भरता खत्म होगी और जिले में एक मजबूत स्वास्थ्य ढांचा तैयार होगा।
