जशपुरनगर, 23 जून।
नशे की अंधेरी सुरंग से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए जशपुर का नशा मुक्ति केंद्र उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरा है। अब यहाँ भर्ती हितग्राहियों (मरीजों) का इलाज सिर्फ चारदीवारी और दवाइयों के सहारे नहीं, बल्कि खेल के खुले मैदान में हो रहा है। प्रशासन की एक नई पहल के तहत केंद्र के भीतर कबड्डी, खो-खो और बैडमिंटन जैसे आउटडोर खेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके बेहद सकारात्मक और मानवीय परिणाम सामने आ रहे हैं।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह की हालिया बैठक में मिले निर्देशों के बाद इस खेल-पुनर्वास (Sports Rehab) को अमलीजामा पहनाया गया है। केंद्र संचालकों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति खेल के मैदान पर उतरता है, तो उसका मानसिक तनाव कम होता है, शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है और उसका ध्यान नशे की तलब से पूरी तरह हट जाता है। खेल की टीम स्पिरिट (सामूहिक भावना) से उनमें समाज में लौटने का खोया हुआ आत्मविश्वास वापस आ रहा है।
2 साल से बदल रहा है तकदीर, मिल रही हैं ये मुफ्त सुविधाएं
भागलपुर रोड पर रणजीता स्टेडियम के पीछे और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने स्थित यह केंद्र पिछले दो वर्षों से जशपुर में अपनी सेवाएं दे रहा है। यहाँ आने वाले हर व्यक्ति को एक नया जीवन देने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। केंद्र में भर्ती लोगों के लिए निम्नलिखित सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं:
- आवासीय व खान-पान: रहने की साफ-सुथरी व्यवस्था और पौष्टिक भोजन।
- मानसिक संबल: नियमित काउंसलिंग (परामर्श) और अध्यात्म से जुड़ने के लिए योग सत्र।
- मनोरंजन व खेल: तनाव दूर करने के लिए खेल और मनोरंजन के साधन।
समाज कल्याण विभाग की अपील: एक कॉल बदल सकती है आपके अपनों की दुनिया
नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण विभाग ने जिले के नागरिकों से एक बेहद संवेदनशील अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि आपके आस-पास या परिवार में कोई भी व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है, तो उसे छुपाएं नहीं, बल्कि इस केंद्र में लाकर उसकी मदद करें।
मदद के लिए यहाँ संपर्क करें:
इस केंद्र और भर्ती प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी या काउंसलिंग के लिए केंद्र अधीक्षक श्री नंद कुमार सिंह से सीधे उनके मोबाइल नंबर 8103110460 पर संपर्क किया जा सकता है।
