जशपुरनगर।
यदि आप जशपुर जिले में किसी भी तरह के खाने-पीने की चीजों का व्यवसाय (फ़ूड बिज़नेस) करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद ज़रूरी खबर है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने और व्यापारियों को कानूनी पचड़ों से बचाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग कल यानी 30 जून 2026 को एक विशेष शिविर लगाने जा रहा है।
कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाला यह शिविर जिला पंचायत कार्यालय के संवाद सभागार (कक्ष क्रमांक 13) में आयोजित किया जाएगा। इसका समय सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक तय किया गया है।
छोटे वेंडर से लेकर बड़े मिलर्स तक: सबको आना ज़रूरी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, यह शिविर किसी एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि खाद्य श्रृंखला (Food Chain) से जुड़े हर छोटे-बड़े कारोबारी के लिए है। यदि आप नीचे दिए गए किसी भी व्यवसाय से जुड़े हैं, तो इस शिविर का लाभ उठा सकते हैं:
- छोटे व्यापारी: स्ट्रीट फूड वेंडर्स, फल-सब्जी विक्रेता, मटन-चिकन शॉप, डेयरी।
- रिटेल व डाइनिंग: किराना दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरर्स।
- थोक व औद्योगिक: थोक व खुदरा व्यापारी, डिस्ट्रीब्यूटर, राइस मिलर्स, सूक्ष्म एवं लघु खाद्य उद्योग।
- अन्य: मेडिकल शॉप (जो न्यूट्रास्युटिकल्स या सप्लीमेंट्स रखते हैं)।
शिविर में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए शिविर में “वन-स्टॉप सोल्यूशन” की व्यवस्था की गई है:
- नया आवेदन: नए FSSAI खाद्य लाइसेंस और पंजीयन (Registration) के लिए लाइव सहायता।
- नवीनीकरण (Renewal): जिन व्यापारियों का लाइसेंस एक्सपायर होने वाला है, वे इसे तुरंत रिन्यू करा सकते हैं।
- संशोधन (Modification): जारी हो चुके लाइसेंस में नाम, पता या व्यापार का प्रकार बदलने की ऑन-स्पॉट प्रक्रिया।
- टर्नओवर के हिसाब से मार्गदर्शन:
- ₹1.50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले छोटे व्यापारियों के लिए खाद्य पंजीयन (Registration) की सुविधा।
- ₹1.50 करोड़ से ₹50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले मध्यम व बड़े व्यापारियों के लिए FSSAI खाद्य लाइसेंस (License) आवेदन की प्रक्रिया।
नियम तोड़ा तो ₹10 लाख का जुर्माना, प्रशासन सख्त
अभिहित अधिकारी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31 (1) एवं (2) के तहत बिना FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस के कोई भी खाद्य व्यवसाय चलाना पूरी तरह से गैरकानूनी है।
कानूनी प्रावधान: अधिनियम की धारा 63 के मुताबिक, यदि कोई भी व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का निर्माण, बिक्री, भंडारण (Storage) या वितरण करता पाया जाता है, तो उस पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के सभी व्यापारिक संगठनों, संस्थाओं और स्वतंत्र खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे इस कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए कल (30 जून) समय पर शिविर में पहुंचकर अपने व्यवसाय को सुरक्षित और प्रमाणित बनाएं।
