जशपुर। जिले के जशपुर वनमण्डल अंतर्गत बगीचा वन परिक्षेत्र में शासकीय वन भूमि पर कब्जा करने के प्रयास पर प्रशासन ने पानी फेर दिया है। वन विभाग ने त्वरित रुख अपनाते हुए न केवल 3 हेक्टेयर वन भूमि को बेदखल कराया, बल्कि उसी दिन जनभागीदारी के साथ 5,000 पौधे रोपकर जमीन को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
मामला बगीचा परिक्षेत्र के सोनगेरसा परिसर स्थित कक्ष क्रमांक पी.एफ. 1253 का है। 23 जुलाई को यहाँ लगभग 3 हेक्टेयर वन भूमि पर झाड़ियों की कटाई कर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। इस गतिविधि में स्थानीय निवासी रामलोचन यादव, गणेश यादव, हिरालाल कोरवा, नन्दलाल कोरवा और सुधन शामिल थे।
सूचना मिलते ही एक्शन में आई टीम
जैसे ही अतिक्रमण की भनक लगी, अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दी गई। जशपुर वनमण्डलाधिकारी के निर्देश और पत्थलगांव उपवनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में बगीचा वन परिक्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
प्रशासन ने इस कार्रवाई में स्थानीय समुदाय को भी साथ लिया। सोनगेरसा ग्राम पंचायत के सरपंच, बीडीसी, पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के सहयोग से अतिक्रमणकारियों के मंसूबों को विफल कर दिया गया।
कब्जा छुड़ाकर तुरंत किया 5,000 पौधों का रोपण
भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के तुरंत बाद उसी जमीन पर 5,000 पौधों का वृहत वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि जमीन का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और भविष्य में पुनः अतिक्रमण की गुंजाइश न रहे।
विभाग की चेतावनी
वन विभाग ने साफ किया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा, पेड़ों की कटाई या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। कार्रवाई के अंत में अधिकारियों और ग्रामीणों ने वन संपदा की रक्षा और क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।
