कोकियाखार सड़क निर्माण पर सियासत तेज: भाजपा नेता सुनील अग्रवाल ने कांग्रेस पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

पत्थलगांव। पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कोकियाखार मार्ग को लेकर प्रसारित किए जा रहे एक वीडियो पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता और नेता सुनील अग्रवाल ने इस मामले में कांग्रेसी नेता अमित पांडे पर कड़ा पलटवार करते हुए उन पर क्षेत्र की जनता को जानबूझकर गुमराह करने का आरोप लगाया है।

​तथ्यों को छिपाकर भ्रम फैला रही है कांग्रेस

​सुनील अग्रवाल ने मीडिया को जारी अपने बयान में कहा कि अमित पांडे द्वारा कोकियाखार मार्ग का अधूरा और भ्रामक वीडियो बनाकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का कुप्रयास किया जा रहा है। उन्होंने तथ्यों को स्पष्ट करते हुए बताया कि ‘कोकियाखार से आमाकानी’ तक के मार्ग का निर्माण कार्य राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। इस सड़क निर्माण को वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में पहले ही शामिल किया जा चुका है और इसके लिए बाकायदा प्रशासकीय स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है।

​4.69 करोड़ रुपये की मिली है स्वीकृति, बारिश के कारण रुका है काम

​भाजपा नेता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के लिए 4 करोड़ 69 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। सड़क निर्माण का काम शुरू भी होना है, लेकिन वर्तमान में क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। उन्होंने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया है कि जैसे ही मौसम अनुकूल होगा और बारिश थमेगी, निर्माण कार्य पूरी गति के साथ पुनः शुरू कर दिया जाएगा।

​विधायक गोमती साय की छवि खराब करने का कुप्रयास

​सुनील अग्रवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस के कुछ नेता अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखला गए हैं। वे आधी-अधूरी जानकारी और तथ्यों को छिपाकर क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक श्रीमती गोमती साय की साफ-सुथरी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।”

​उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से नियमानुसार और सही दिशा में आगे बढ़ रही है। अंत में, उन्होंने पत्थलगांव की जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक प्रचार और बेबुनियाद बयानों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक एवं तथ्यात्मक जानकारी पर ही विश्वास करें।

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