जशपुर के बोड़ालाता गाँव में लौटी रोशनी: हाथी प्रभावित क्षेत्र में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर; ग्रामीणों ने जताया सीएम साय का आभार

जशपुरनगर, 25 जून।

​कहते हैं कि सरकार जब संवेदनशील हो, तो आम जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान फाइलों में नहीं अटकता। कुछ ऐसा ही उदाहरण छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में देखने को मिला है, जहाँ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की सक्रियता से एक पूरे गाँव को अंधेरे के खौफ और संभावित खतरों से मुक्ति मिल गई है।

​दरअसल, विकासखंड कुनकुरी की ग्राम पंचायत दाराखरिका के आश्रित ग्राम बोड़ालाता में पिछले काफी समय से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा था। बिजली गुल होने से पूरा गाँव अंधेरे में डूबा हुआ था और ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों के लिए तरस रहे थे।

​दोहरी मुसीबत: ढलती शाम और हाथियों का खौफ

​गाँव में सिर्फ बिजली गुल होने की समस्या नहीं थी, बल्कि मामला ग्रामीणों की सुरक्षा से भी जुड़ा था। बोड़ालाता और आसपास का यह पूरा इलाका हाथी प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ऐसे में मॉनसून (बरसात का मौसम) की आहट के बीच बिना बिजली के रहना किसी बड़े खतरे से कम नहीं था।

​”अंधेरा होने की वजह से गाँव में जंगली हाथियों की आवाजाही और जहरीले जीव-जंतुओं (सांप-बिच्छू) का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया था। रातें डर के साए में कट रही थीं।”

स्थानीय ग्रामीण

​कैंप कार्यालय पहुँचा मामला, तुरंत बदला गया ट्रांसफार्मर

​ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए दाराखरिका के सरपंच ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में एक लिखित आवेदन देकर इस गंभीर समस्या से अवगत कराया। मामले की संवेदनशीलता और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कैंप कार्यालय ने बिना वक्त गंवाए संबंधित विद्युत विभाग को तत्काल कड़े निर्देश जारी किए।

​मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश मिलते ही बिजली विभाग भी एक्शन मोड में आ गया। विभाग की टीम ने त्वरित पहल करते हुए गाँव के खराब ट्रांसफार्मर को हटाकर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया। इसके साथ ही बोड़ालाता गाँव एक बार फिर रोशनी से जगमगा उठा।

​ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

​बिजली की आपूर्ति बहाल होने से ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है। इस त्वरित समाधान पर खुशी जाहिर करते हुए पूरे गाँव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति अपनी कृतज्ञता और आभार प्रकट किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सीएम कैंप कार्यालय आम लोगों की सुनवाई का एक बेहद मजबूत और संवेदनशील जरिया बन चुका है, जहाँ बिना किसी देरी के सीधे जनता की समस्याओं का निपटारा हो रहा है।

एक प्रभावी व्यवस्था की मिसाल:

आपको बता दें कि जशपुर के बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय इन दिनों आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं (जैसे बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर) के त्वरित निवारण का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जिससे सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों को सीधे और तुरंत राहत मिल रही है।

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