जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को सम्बल प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन जशपुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि के 4 अलग-अलग प्रकरणों में कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा स्वीकृत इस राशि से आपदा का दंश झेल रहे परिवारों को त्वरित आर्थिक सहारा मिलेगा।
इन पीड़ित परिवारों को मिली सहायता राशि
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सभी मामलों में राजस्व पुस्तक परिपत्र के निर्धारित प्रावधानों के तहत 4-4 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है:
- मनोरा तहसील (ग्राम रेमने): यहां के निवासी कलेश्वर राम की नदी के पानी में डूबने से जान चली गई थी। इस दुखद घटना के बाद उनकी पत्नी श्रीमती ललिता बाई को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है।
- सन्ना तहसील (ग्राम चम्पा): आकाशीय बिजली (गाज) की चपेट में आने से जगसाय की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में प्रशासन ने उनकी पत्नी श्रीमती मनीता बाई के लिए 4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है।
- सन्ना तहसील (ग्राम खखरा): इसी तहसील के खखरा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से सुखदेव की जान चली गई थी। उनकी पत्नी श्रीमती बुधमनिया को भी 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
- बगीचा तहसील (ग्राम साहीडांड): यहां के निवासी ललित सिंह की गड्ढे के पानी में डूबने से मौत हो गई थी। प्रशासन ने उनकी पत्नी श्रीमती नंदकुमारी को 4 लाख रुपये की राहत राशि स्वीकृत की है।
त्वरित राहत प्रदान करने की प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के दुख को पूरी तरह कम नहीं किया जा सकता, लेकिन वित्तीय सहायता से उन्हें तात्कालिक संकट से निपटने में मदद मिलती है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जिले में प्राकृतिक आपदा से जुड़े ऐसे सभी प्रकरणों में कागजी प्रक्रिया को पूरी प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द निपटाया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को बिना किसी विलंब के राहत राशि मिल सके।
