जशपुरनगर। आगामी 15 अगस्त को मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सोमवार को कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय पर्व के भव्य आयोजन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए और शिक्षा व छात्रावासों की व्यवस्था दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया।
रणजीता स्टेडियम में होगा मुख्य समारोह
कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह जिला मुख्यालय के रणजीता स्टेडियम में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टेडियम में मंच, बैठक व्यवस्था, आमंत्रण पत्र, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पेयजल, बिजली और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था समय से पहले पूरी कर ली जाए।
इसके साथ ही, सभी विकासखंड व जनपद पंचायत कार्यालयों में भी ध्वजारोहण सुनिश्चित करने और इस अवसर पर सभी शासकीय भवनों को रोशनी से सजाने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्कृष्ट कर्मचारियों के चयन में बरतें सावधानी
राष्ट्रीय पर्व के मौके पर सम्मानित होने वाले उत्कृष्ट कर्मचारियों के चयन को लेकर कलेक्टर ने सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि विभाग केवल उन्हीं कर्मचारियों के नाम भेजें जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में कोई विशिष्ट और उत्कृष्ट कार्य किया हो। सूची भेजते समय उनके बेहतरीन कार्यों का उल्लेख भी अनिवार्य रूप से किया जाए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जिन कर्मचारियों को पहले 15 अगस्त या 26 जनवरी को प्रमाण पत्र मिल चुका है, उनका नाम दूसरी बार न भेजा जाए।
स्कूलों और आश्रम छात्रावासों के सघन निरीक्षण के निर्देश
बैठक का एक प्रमुख बिंदु बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं पर केंद्रित रहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में स्कूलों और आश्रम छात्रावासों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान इन महत्वपूर्ण बातों पर रहेगा फोकस:
- छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता।
- परिसर में साफ-सफाई की स्थिति, विशेषकर घास-फूस व झाड़ियों की कटाई।
- शिक्षकों और कर्मचारियों की नियमित रूप से उपस्थिति।
- बच्चों के स्वास्थ्य की जांच और सुरक्षा व्यवस्था, खासकर बालिका छात्रावासों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
- बच्चों के बिस्तर और चादरों की स्वच्छता, साथ ही सोते समय मच्छरदानी का अनिवार्य उपयोग।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यदि किसी भी आश्रम या छात्रावास में कोई समस्या या कमी पाई जाती है, तो उसे तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
