जशपुर:
जशपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में कभी सार्वजनिक परिवहन का सपना देखने वाले ग्रामीणों के लिए अब सफर सुगम और सुरक्षित हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ के तहत अंचल के उन गांवों तक बस सेवा पहुंचाई गई है, जहां पहले कोई साधन नहीं था। वर्तमान में जिले में लगभग 16 बसों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिससे गांव सीधे ब्लॉक और जिला मुख्यालय से जुड़ चुके हैं।
हॉर्न की आवाज सुनते ही चेहरे खिल उठते हैं
सड़क पर बस दिखते ही स्कूली बच्चे हाथ हिलाकर अभिवादन करते हैं और हॉर्न सुनते ही ग्रामीण रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए निकल पड़ते हैं। पहले जहां ग्रामीणों को हाट-बाजार, अस्पताल या दफ्तर जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल नापना पड़ता था या महंगे निजी साधनों का मुंह ताकना पड़ता था, वहीं अब नियमित सरकारी बस सेवा से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।
रोजमर्रा के सफर में महिलाओं को बड़ी सहूलियत
बगीचा विकासखंड के ग्राम सन्ना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता निकुंज बताती हैं कि पहले उन्हें केंद्र तक जाने के लिए अक्सर लिफ्ट मांगनी पड़ती थी या पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलना पड़ता था। बस शुरू होने से ड्यूटी पर समय से पहुंचना और सुरक्षित लौटना बेहद आसान हो गया है।
हाट-बाजार और ब्लॉक मुख्यालय की दूरी सिमटी
ग्राम मरंगी निवासी दशरथ भगत बताते हैं कि पहले बगीचा जाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती थी, अब वे सुबह बस से काम निपटाने जाते हैं और शाम तक समय पर घर लौट आते हैं। वहीं यात्री मंगलराम का कहना है कि छिछली और चंपा जैसे प्रमुख स्थानीय बाजारों तक जाने के लिए अब मीलों पैदल नहीं चलना पड़ता।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवाओं की बेहतर पहुंच
बस सुविधा शुरू होने का सबसे बड़ा लाभ स्कूली छात्रों, कामकाजी कर्मचारियों और मरीजों को मिला है। दूर-दराज के अंचलों में स्वास्थ्य आपातकाल या प्रशासनिक कार्यों के लिए मुख्यालय पहुंचना अब त्वरित और आसान हो गया है। जशपुर के दुर्गम अंचलों को मुख्यधारा से जोड़कर यह योजना जमीनी स्तर पर एक बड़ा बदलाव साबित हो रही है।
